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पृथ्वी से बड़े आकार का उल्कापिंड बृहस्पति ग्रह पर जा टकराया







  • नासा ने गुरु ग्रह के रंग बिरंगे बादलों की तस्वीर साझा की

  • शौकिया खगोलविद इथान चैपल की नजर सबसे पहले

  • इयान चैपल ने अपनी निजी दूरबीन से घटना को देखा

  • अपने ट्विटर पर दी दुनिया को इसकी जानकारी


प्रतिनिधि

नईदिल्लीः पृथ्वी से बड़े आकार का एक उल्कापिंड गुरु ग्रह पर जा टकराया।

इससे पूरे ग्रह पर टक्कर की धमक और कंपन भी देखी गयी।

इस घटना को सबसे पहले शौकिया खगोलविद इथान चैपल ने देखा था।

बाद में इसकी तस्वीर उन्होंने अपने ट्विटर पर भी साझा कर दी।

जिससे दुनिया के अन्य वैज्ञानिकों को भी इसका पता चला पाया।


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तस्वीर में यह साफ देखा जा सकता है कि गुरु ग्रह के ऊपर एक सफेद धब्बा नजर आ रहा है।

यह सफेद धब्बा ही उल्कापिंड है और वैज्ञानिकों के मुताबिक उसका आकार पृथ्वी से भी कहीं अधिक बड़ा है।

ग्रह पर टकराने के बाद यह ओझल हो गया है।

अपने सेलेस्टन 8 टेलीस्कोप की मदद से चैपल ने इस घटनाक्रम को देखा है।


अजीब खबरें लेकिन यह सब सच है


उसके द्वारा इस घटना की जानकारी सार्वजनिक किये जाने के बाद कई अन्य खगोलविदों ने भी इस घटना की पुष्टि कर दी।

लेकिन इसकी जानकारी सार्वजनिक होने के बाद भी संस्थागत तौर पर अब तक इसकी पुष्टि नहीं की गयी है।


यह हिन्दुस्तान है मेरी जान


इस बारे में वैज्ञानिक अब भी तथ्यों का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि घटना की औपचारिक पुष्टि करने के पहले सारी चीजें उनकी जानकारी में आ जाए।

उसी क्रम में चैपल ने अपनी दूरबीन से ली गयी तस्वीर को ही अपने ट्विटर हैंडल पर डाला है।

जो तेजी से लोकप्रिय हुआ है।

पृथ्वी से भी बड़े आकार का यह गोला दक्षिणी हिस्से में जा गिरा




इस घटना के बारे में यह बताया गया है कि इस टक्कर को गुरु ग्रह के दक्षिणी हिस्से में घटित होते हुए देखा गया है।

चैपल ने इस घटना के बाद वहां से एक बड़ी चमक नजर आने की भी बात कही है।

उनसे अपने ट्विटर हैंडल के अलावा अपनी वेबसाइट चैपल एस्ट्रो में भी इसकी जानकारी दी है।

उसके मुताबिक यह घटना गत 7 अगस्त के सुबह 4.07 बजे (यूटीसी) की है।

इसके पहले भी इस गुरु ग्रह पर टक्कर की सूचनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। वर्ष 1994 में एक धूमकेतु उससे जा चकराया था।

जिसके बारे में कहा गया था कि यह धूमकेतु शायद सूर्य से भी ज्यादा गर्म था।

उस वक्त की घटना को हब्बल टेलीस्कोप पर देखा गया था।

हब्बल टेलीस्कोप के उस समय के प्रमुख डॉ हेइदी बी हामेल ने गुरु पर शूमेकर लेवी 9 के टकराने की घटना को दर्ज किया था।

अब चैपल द्वारा जानकारी दिये जाने के बाद खुद डॉ हामेल ने उन्हें इस जानकारी को उपलब्ध कराने के लिए बधाई दी है।

डॉ हामेल ने लिखा है कि यह 25 साल पहले का विज्ञान नहीं है।

उस वक्त ऐसी घटनाएं काले रंग के धब्बे के तौर पर दिखती थी।

अब तरक्की हो चुकी है इसलिए टक्कर नजर आने का नजरिया भी बदल चुका है।

नासा की तस्वीरों में मनमोहक हैं रंग बिरंगे बादल




इस बीच नासा ने गत 27 जून को हब्बल टेलीस्कोप से ली गयी

इसी ग्रह की एक तस्वीर साझा कीहै। इसमें ग्रह के ऊपर के लाल धब्बे साफ नजर आ रहे हैं।

जबकि ग्रह के आसमान पर रंग बिरंगे बर्फ के बादल भी नजर आ रहे हैं।

इसी रंग बिरंगे बादल की वजह से इस ग्रह के प्रति खगोल वैज्ञानिकों का आकर्षण भी बढ़ा रहता है।

इस बार की तस्वीर में यह देखा गया है कि दो अलग अलग रंग बिरंगे धब्बे

एक दूसरे से उल्टी दिशा में जाते हुए नजर आ रहे हैं।

इन दोनों के बीच एक घड़ी के सूई की विपरित दिशा में बनता हुआ बवंडर भी नजर आ रहा है।


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