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मेघालय में अब स्थिति में सुधार के बाद कर्फ्यू में आंशिक ढील

शिलांगः मेघालय में अब स्थिति में थोड़ी सुधार होती दिख रही है। इसी सुधार की वजह से

राजधानी शिलांग में कर्फ्यू में आशिंक रूप से ढील दी गयी है और शहर में बुधवार को हिंसा

की कोई घटना सामने नहीं आयी है। जिला प्रशासन ने आयू मावलोग के पुलिस बाजार

और अंजलि सिनेमा में बुधवार को दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक व्यावसायिक

इलाकों में कर्फ्यू में ढील देने की घोषणा की थी। इसके अलावा मेघालय में चेरापूंजी के

सोहरा में बुधवार सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक छूट दी जाएगी । शैला इलाके में

सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गयी। इसी बीच शिलांग में

बुधवार को कानून व्यवस्था बनाये रखने में राज्य पुलिस की मदद करने रैपिड एक्शन

फोर्स (आरएएफ) के 110 जवान पहुंचे। मेघालय पुलिस के प्रवक्ता गैबरियल इयांगराई ने

कहा, ‘‘राज्य में स्थिति नियंत्रण में है और कड़ी निगरानी जारी है।’’ शिलांग के चार

जिलों- पूर्वी खासी हिल, पश्चिमी खासी हिल, दक्षिणी पश्चिमी खासी हिल और रि-भोई में

मंगलवार को रात दस बजे से अगले 24 घंटे के लिये मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पर रोक लगा

दी गई है। सरकार ने हालांकि, मंगलवार रात दस बजे से पूर्वी और पश्चिमी जैनिशिया

हिल में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर लगी रोक को हटा दिया।

मेघालय में आपस में टकरा गये थे आदिवासी और गैर आदिवासी

राज्य के आदिवासी और गैर आदिवासी समूहों में हुई भिड़ंत में रविवार को मरने वाले

लोगों की संख्या बढ़कर तीन हो गयी जबकि पूर्वी खासी हिल जिले में एक गैर आदिवासी

की तीन अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध

और इनर लाइन परमिट के समर्थन में रैली आयोजन करने के कारण केएसयू सदस्य और

गैर आदिवासी के बीच मेघालय में 28 फरवरी को भिड़ंत हो गयी। इस बारे में असम के पूर्व

मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत ने पहले ही चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि इस कानून

की पेचिदगियों की वजह से अनेक इलाकों में गृह युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न होगी।


 

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