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एमबीबीएस की डिग्री वाले चले गये अब फर्जी डाक्टर कर रहे हैं ईलाज

  • उच्च प्रशिक्षण के बदले फर्जी डिग्री है जुगाड़ू लाल की

  • संभावित कोरोना संक्रमण से बचाव के चल रहा काम

  • आने वाले मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़

इंद्रजीत कुमार गिरि

हज़ारीबाग : एमबीबीएस की डिग्री नहीं होने के बाद भी अनेक नीम हकीम इलाके में

धड़ल्ले से कारोबार कर रहे हैं। इनकी वजह से हजारीबाग जिला में सभी प्रखड़ बरकट्ठा,

बरही, चौपारण, पदमा, के इचाक, विष्णुगढ़, बड़कागांव केरेडारी समेत अन्य प्रखंड

मुख्यालयों में बगैर निबंधन के दर्जनों नर्सिंग होम संचालित है।

वीडियो देखकर और सुनकर समझिये मामला

नर्सिंग होम संचालन को लेकर आवश्यक सेवाओं जैसे एमबीबीएस की डिग्री धारी डॉक्टर,

एनेथेसिया के डॉक्टर, प्रशिक्षित नर्स, कंपाउंडर, हैं हीं नहीं। उनके कागजातों की खानापूर्ति

कर डॉक्टर, नर्स, कंपाउंडर की जगह जुगाड़ू लाल बैठे हैं, जो उनकी काम को अंजाम दे रहे

हैं। स्वास्थ्य कर्मी के तौर पर सेवा दे रहे जुगाड़ू लाल के प्रमाण पत्र भी जांच के दायरे में है।

नर्सिंग होम खोलने के समय प्रयुक्त में लाए गए डॉक्टर, जेनरल फिजिशियन, सर्जन,

एनेथीसिया, नर्स, कंपाउंडर भी अब नर्सिंग होम में मौजूद नहीं है। आरंभिक काल के सभी

स्वास्थ्य कर्मी बदल दिए गए हैं । उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग जारी है। बरही अनुमंडल

क्षेत्र के एक स्वास्थ्य कर्मी ने सशर्त बताया कि हम सभी प्रशिक्षित डिग्री धारी हैं। नर्सिंग

होम खोलने के समय उचित मानदेय पर हमलोगो को रख गया था। पर धीरे – धीरे हम

लोगो को मानदेय अधिक होने के नाम पर नहीं रखा गया, हमारे सर्टिफिकेट और हमको

कुछ पैसे देकर जरूरत के समय उपयोग में लाया जाता है। हमारे जगह पर संचालक कम

पैसे लेने वाले जो हमारे पास रहकर काम सीखा है, उक्त व्यक्ति को रखा है । बिहार से

कुछ लोग आए हैं, जो की नामी गिरामी डॉक्टर के बोर्ड के आड़ में इलाज और ऑपरेशन

कर रहे हैं। संचालकों द्वारा बोर्ड में नाम एमबीबीएस डाक्टर, जेनरल फिजिशियन, सर्जन

जो ख्याति प्राप्त होते हैं। उनके नाम के बोर्ड और सर्टिफिकेट का दुरुपयोग किया जा रहा

है।

एमबीबीएस की डिग्री का एक मामला पकड़ाया तो भाग गया डाक्टर

बड़कागांव में एक नर्सिंग होम संचालक शंकर यादव बतौर डॉक्टर जेनरल फिजिशियन,

सर्जन के तौर इलाज और ऑपरेशन करता था। कारगुजरियों और प्रमाण पत्र का खुलासा

होने पर भाग गया। उसके ऊपर मरीजों के जिंदगी से खेलने और फर्जी एमबीबीएस को

लेकर बड़कागांव थाना में मामला दर्ज किया जा चुका है।

दूसरी घटना बरकट्ठा प्रखंड बाजार रोड स्थित शांति सेवा सदन का 27 अगस्त की है।

संचालक द्वारा एमबीबीएस डाक्टर की मौजूदगी, कुशल नर्स, कंपाउंडर,ओकसिजन,

पैथोलॉजी, समेत जरूरी मेडिकल उपकरण का हवाला देकर भर्ती किया। गजाला प्रवीण

नामक महिला के परिजन को बच्चा डिलीवरी के लिए नॉर्मल डिलीवरी की बात शांति सेवा

सदन के डॉक्टर पीताम्बर सिंह और संचालक भोला प्रसाद ने कही थी। ऑपरेशन में देरी

और सकुशल नहीं होने के कारण शिशु बच्चा और प्रसूति महिला की स्थिति बिगड़ने लगी,

जिसपर संचालक और डॉक्टर ने बच्चा को हजारीबाग सिटी चाइल्ड अस्पताल रेफर कर

दिया। संचालक और डॉक्टर दोनों के ऊपर बरकट्ठा थाना में पीड़ित महिला के चाचा

असमत अली ने मामला दर्ज किया है। बरकट्ठा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रजनीकांत

के दिए गए बयान के मुताबिक डॉक्टर पीताम्बर सिंह के एम बी बी एस सर्टिफिकेट,

संचालक के निबंधन जांच के दायरे में है।

बरकट्ठा में आधे दर्जन से अधिक ऐसे नर्सिंग होम

बरकट्ठा में इन दिनों स्वास्थ्य विभाग के उदासीन रवैये और समय समय पर निजी नर्सिंग

होम की जांच नहीं होती है। कुकुरमुत्ते की तरह नर्सिंग होम खुल रहे हैं। स्वास्थ्य

पदाधिकारियों की मिलीभगत से नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। प्रमुख रामलखन मेहता

ने निजी नर्सिंग होम की जांच की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद आज तक जांच नहीं

हुई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रजनीकांत ने पूछे जाने पर कहा कि नर्सिंग होम की

जांच की जाएगी।

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