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मंदी से पीड़ित बाजार में चुनाव ने मुखौटे के बाजार को तेजी प्रदान की

  • मोदी और ममता एक साथ फुटपाथ का कारोबार बढ़ा

  • सिर्फ पार्टी कैडर ही नहीं खरीद रहे यह मुखौटा

  • होली के त्योहार में भी लोगों ने इसे पहना है

  • फुटपाथ दुकानदारों के चेहरों पर हंसी लौटी

राष्ट्रीय खबर

मालदाः मंदी से पीड़ित स्थानीय बाजार में फुटपाथ पर आप नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी

को एक साथ देख सकते हैं। दोनों के हंसते हुए चेहरों का मुखौटा फुटपाथ दुकानदारों के

चेहरों पर हंसी ला रहा है। दरअसल दोनों के मुखौटों की अच्छी खासी बिक्री हो रही है।

इससे कारोबार में तेजी आने से मंदी की स्थिति में भी उन दुकानदारों के चेहरे पर हंसी

लौटी है जो पिछले 14 महीनों से कोरोना संकट के दौरान किसी तरह परिवार का पेट पाल

रहे थे।

मालदा के फुटपाथ पर ममता और मोदी के मुखौटे की बिक्री तेजी से बढ़ने की वजह से

अनेक दुकानदार अभी इसी कारोबार से दो पैसा कमाने पर जोर दे रहे हैं। उनके मुताबिक

प्रारंभ में सिर्फ पार्टी के कार्यकर्ता ही ऐसे मुखौटे खरीद रहे थे। अचानक से चुनावी बुखार

सर चढ़कर बोलने लगा तो इन मुखौटों की बिक्री भी तेजी से बढ़ती जा रही है। इसी मांग के

बढ़ने पर दुकानदारों से यह भी पूछा गया था कि किसका मुखौटा ज्यादा बिक रही है। इस

बारे में मुखौटा विक्रेता मानू शेख ने कहा कि मात्र दस रुपये में दोनों ही मुखौटे बिक रहे हैं।

दोनों की मांग लगभग एक जैसी है। जब कभी कोई चुनावी रोड शो होता है तो एकाएक इन

मुखौटों की बिक्री बढ़ जाती है। लेकिन बिना रोड शो के भी लोग अपनी रुचि से इन मुखौटों

को खरीद रहे हैं। इस बार होली में भी यहां से लोगों ने दोनों के मुखौटे खरीदे है और होली में

उनका इस्तेमाल भी किया है।

मंदी से पीड़ित दुकानदार जानते हैं कम दिनों का कारोबार है

मंदी के पीड़ित रहे दुकानदारों के लिए यह बहुत अच्छी स्थिति है। लेकिन वे भी जानते हैं

कि यह सिर्फ चुनाव भर का रोजगार है। कम दिनों के कारोबार से भी वे थोड़ी बहुत पूंजी

खड़ी कर लेना चाहते हैं जो आने वाले दिनों में अपने कारोबार को स्थापित करने में काम

आये। फुटपाथ के दुकानदारों की परेशानी इस बात को लेकर है कि मंदी की वजह से अब

उन्हें कारोबार के लिए उधार भी नहीं मिल पा रहा है। हर सप्लायर को नकद में भुगतान

करने के बाद ही माल मिल रहा है। ऐसे में मुखौटो की बिक्री से जो पूंजी आ रही है, उससे

भविष्य में माल खरीदने में काफी मदद मिलेगी।

मालदा शहर के अनेक इलाकों में अब ऐसे फुटपाथी दुकानदार नजर आ रहे हैं तो इन

मुखौटों की बिक्री करने में व्यस्त हैं। उनके असली और थोक क्रेता को पार्टी समर्थक ही हैं

फिर भी आम आदमी भी मुखौटा खरीद रहा है, यह उन दुकानदारों के लिए संतोष की बात

है। रथबाड़ी इलाका के मुखौटा बिक्रेता राजू दास ने कहा कि उनके इलाके में मुख्यमंत्री

ममता बनर्जी के मुखौटे अधिक बिक रहे हैं। वैसे किसी किसी दिन मोदी के मुखौटों की

बिक्री अधिक हो जाती है। लेकिन कोरोना लॉकडाउन की वजह से उनके कारोबार में जो

मंदी आयी थी वह मंदी इस मुखौटा कारोबार से अस्थायी तौर पर दूर हुई है, यह तय है।

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