Press "Enter" to skip to content

लॉक डाउन में खूब चल रहा है मास्क बेचने का कारोबार







संवाददाता

रांचीः लॉक डाउन में भी सड़कों पर मामली चहल पहल के बीच अगर किसी सामान की

सबसे अधिक बिक्री हो रही है तो वह मास्क है। दुकानों में अधिक कीमत पर मास्क और

सैनेटाइजर बेचे जाने की शिकायत के बाद आज अलबर्ट एक्का चौक के आस पास दर्जनों

युवक हाथ में मास्क लिए इसकी दुकानदारी करते नजर आये। सड़क पर बिक रहे मास्क

की चिकित्सीय गुणवत्ता की जांच अब कोई नहीं कर रहा है। वहां से गुजरने वाले आनन

फानन में इनके हाथ से मास्क खरीदकर आगे बढ़ रहे हैं। अलबर्ट एक्का चौक से लेकर

शहीद चौक तक के इलाके में ऐसे विक्रेताओं की संख्या करीब दो दर्जन थी। वैसे भी

इनलोगों ने मास्क का स्टॉक भी रख छोड़ा था। हाथ में सिर्फ चंद मास्क लेकर बेचने के

बाद जब मास्क की कमी होने लगती तो वे अपने उसी भंडार से जाकर नये मास्क की

पोटली उठा लाते थे। सड़क के दोनों तरफ ऐसे मास्क विक्रेता खड़े थे। लेकिन खुली हुई दवा

दुकानों में इस मास्क की जानकारी हासिल करने भी कम लोग नहीं पहुंच रहे थे। यह

वाकई सच है कि इनदिनों दवा दुकानों में बिकने वाले मास्क की कमी हो गयी है। पहले ही

इस बात का आरोप लग चुका है कि कुछेक दुकानकार मौके की नजाकत का लाभ उठाकर

काफी महंगे कीमत पर इन्हें बेच रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इसकी शिकायत

मिलने के बाद इस दिशा में जिला प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश जारी कर

दिया था।

लॉक डाउन में दूसरे दिन मुख्य सड़क से गायब हुए

सड़कों पर बिक रहे मास्क के क्रेता तो आज काफी नजर आये लेकिन इन्हें बेचने वाले

इनकी गुणवत्ता के बारे में बात तक करने से कतराते रहे। यह मास्क कहां और कितनी

सुरक्षा के साथ बनाये गये हैं, इसके बारे में भी विक्रेताओं के पास कोई उत्तर नहीं था। वे

सिर्फ बाजार में इनकी मांग बढ़ने की वजह से आनन फानन में उन्हें बेचने के लिए मैदान

में उतर आये थे। इन विक्रेताओं में से अधिकांश पहले फुटपाथ मार्केट से जुड़े हुए थे। अब

लॉक डाउन की वजह से भेंडर मार्केट बंद होने के बाद और इसी इलाके में ठेला लगाने की

छूट नहीं होने की वजह से इनलोगों ने अभी मास्क बेचने का धंधा जमा रखा है।

[subscribe2]



More from कोरोनाMore posts in कोरोना »
More from रांचीMore posts in रांची »

2 Comments

Leave a Reply