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मसीह चरण पूर्ति कभी कई जिलों में था उनके नाम का खौफ अब इरादा बदला




  • काम और फैसलों को देखकर हो गये मोदी के फैन
  • बीस साल सरकार से लड़ने में व्यतीत किया
  • अब सामाजिक सक्रियता की बदौलत करेंगे काम
  • सभी दुखी परिवारों के आंसू पोंछना असली जिम्मेदारी

रांची : मसीह चरण पूर्ति एक ऐसा नाम जिसे खूंटी जिला से लेकर पश्चिमी सिंहभूम तक के खौफ माना जाता था।

पूर्व माओवादी नक्सली मसीह चरण पूर्ति पिछले महीने जेल से बाहर निकले ।

खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम के जंगल में राज करने वाले हर तरफ उनके नाम की ही तूती बोलती थी ।

वीडियो में पहली बार देखिये मसीह चरण पूर्ति को जेल से रिहा होने के बाद

साल 2009 में खूंटी विधानसभा से जेल में रहते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट से चुनाव लड़े

और भाजपा प्रत्याशी को कड़ी टक्कर देते हुए बहुत ही कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा मसीह चरण पूर्ति को ।

माओवादी संगठन में रहते विभिन्न थानों में उन पर कई केस दर्ज हुए बरसो जेल में सजा काट के बाद रिहा हुए ।

राष्ट्रीय खबर के संवाददाता मनोज शरण से खास बातचीत में पूर्व माओवादी मसीह चरण पूर्ति ने बेबाक तरीके से बातचीत की।

संवाददाता ने जब उनसे पूछा कि संगठन से नाता तोड कर मुख्यधारा में वापस आकर आप करेंगे

क्या कैसे गांव घर और आदिवासियों के लिए काम करेंगे ?

इस सवाल पर उन्होंने जोहार बोलते हुए अपनी बात शुरु की।

उन्होंने कहा, मैं पहले भी सामाजिक कार्य से जुड़ा रहा हूं और अब भी समाज हित के लिए ही काम करूंगा ।

उन्होंने बताया फिलहाल बिरसा मुंडा उलगुलान फाउंडेशन के तहत चलने वाला निर्माण को लेकर

गांव गांव घूमकर लोगों से सहयोग की अपील कर रहा हूं ताकि बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा को स्थापित किया जा सके।

मसीह चरण पूर्ति अब बिरसा की प्रतिमा स्थापित करने के लिए लगे हैं

साथ ही मसीह चरण पूर्ति ने कहा कि अपनी श्रम शक्ति और जनता की श्रम शक्ति से कृषि और बागवानी मैं सीधा योगदान देना चाहता हूं।

जहां तक शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में तमाम स्वयंसेवी संगठन, एनजीओ के साथ मिलकर

जनता के हित में काम करना चाहता हूं ।

इस सवाल पर कि युवाओं को क्या संदेश देना चाहते हैं और खासकर उनके लिए जो जंगल की

गुमराह रास्ते पर निकल पड़े हैं ?

उन्होंने कहा कि वो यही संदेश देना चाहेंगे कि तमाम गतिविधियां जो है वह ऊपर से ही अच्छी लगती है

भीतर से काफी दर्द भरा हुआ होता है ।

मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहूंगा कि कोई युवा जंगल जंगल भटके और अपना बहुमूल्य समय को गंवाये ।

माओवाद का उद्देश्य समाजवाद है और सबसे बड़ी बात है भ्रष्टाचार जिसके कारण युवा जंगल की शरण ले लेते हैं

फिर भी यही कहूंगा कि उतावला में आकर कोई गलती ना करें संविधान के दायरे में आकर अपनी मांग को रखें ।

जब उनसे यह पूछा कि आपको यह नहीं लगता कि आपने बीच में ही पढ़ाई छोड़ कर जंगल की राह पकड़ ली

और हाथ में बंदूक थाम लिया और जीवन के बहुमूल्य समय को गंवाया इसका मलाल है आपको ?

इस सवाल के सुनते ही उन्होंने कहा कि समय तो बहुमूल्य है ही 20 साल का बहुमूल्य समय को

मैंने खोया लगभग 8 साल जंगलों में और 12 साल जेल में।

जहां तक माओवादी संगठनों का घोषित उद्देश्य समाजवाद है , और भारत के संविधान भी समाजवाद ही है।

देश के बुद्धिजीवियों को यह संघर्ष कम करने का प्रयास करना चाहिए

उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के बुद्धिजीवियों को यह प्रयास करना होगा यह सरकार

और प्रतिबंधित संगठनों का टकराव किस प्रकार कम किया जाए क्योंकि हिंसा से

किसी को याद देश को लाभ होने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण उलगुलान की जरूरत है जो संविधान के दायरे में रहकर ही किया जाए।

जब उनसे यह पूछा कि संगठन में रहते कुछ ऐसा कार्य हो गया हो जिसके चलते आपको ग्लानि

हो रही हो दुख होता हो कि हमें यह नहीं करना चाहिए था कोई ऐसी बात जो आपके मन को कचोटता है ?

इस सवाल पर मसीह चरण पूर्ति कहते हैं कि संगठन में रहते हुए अप्रत्यक्ष रूप से जिस भी परिवार को

नुकसान पहुंचाया जो भी बच्चे अपने माता पिता को खोए है, उसके लिए उन्हें पीड़ा होती है

अब यही कोशिश करूंगा कि उन पीड़ित परिवार का कुछ दुख कम कर सकूं उन के आंसू पोछने लायक तो नहीं रहा।

फिर भी कोशिश करूंगा कि उनके घर में खुशियां आए उनकी कुछ दुख कम कर सकूं ।

जेल में रहते इस बात को समझ सका की परिवार बेटा पिता का रिश्ता क्या है क्या कमी महसूस होती है ।

इस सवाल कि फिर से संगठन या जंगल की राह जाने की सोच सकते हैं तपाक से जवाब देते हैं कि हरगिज नहीं

जो मैंने मूल्यवान समय खोया है अगर गांव घर की ओर समय देता तो इसकी तस्वीर कुछ और होती।

मैंने जो समय खोया है वह गांव घर पर देता तो तस्वीर कुछ और होती

कश्मीर मुद्दे पर बात करने पर मसीह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही ऐसा बड़ा है फैसला ले सकते हैं।

उनके इस फैसले का स्वागत करते हैं और व्यक्तिगत तौर पर मोदी जी बहुत ही अच्छा प्रधानमंत्री है ।

यह पूछने पर कि क्या आप मोदी जी के फैन है

उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी काम ही ऐसा कर रहे हैं कि मैं उनका फैन बन गया हूं ।

इस सवाल पर कि क्या आप चुनाव लड़ना चाहते हैं मसीह चरण पूर्ति ने कहा कि इस मामले पर

मैं अभी कुछ नहीं कह सकता ।

झारखंड में रघुवर सरकार कैसा काम कर रही है गांव घर की तस्वीर बदली है या नहीं यह सवाल पूछने पर

उन्होंने कहा कि तस्वीर बदली है सडक बिजली और प्रतिबंधित संगठनों उग्रवादी की जड़ से

समाप्त करने को लेकर बड़े काम किए गए हैं

लेकिन गांव घर के लिए बुनियादी तौर पर और भी काम किए जाने चाहिए।

अंत में पत्थरगड़ी पर मसीह बोलते हैं यह आदिवासियों का पारंपरिक रीति रिवाज है

लेकिन जो वर्तमान स्वरुप है जो लोग भी आदिवासी समाज को बरगलाने का काम कर रहे हैं

समय आने पर निश्चित ही ऐसे लोगों का पर्दाफाश होगा और जनता उन्हें सबक सिखाएगी

और वे कानून के शिकंजी में होंगे।

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