प्रथम विश्वयुद्ध के शहीद भारतीय सैनिकों का स्मारक बनेगा फ्रांस में

प्रथम विश्वयुद्ध के शहीद भारतीय सैनिकों का स्मारक बनेगा फ्रांस में

नयी दिल्ली: प्रथम विश्वयुद्ध में शहीद हुए भारत के हजारों जवानों के बलिदान को याद करने के लिए



फ्रांस के विलर्स गुस्लैन में राष्ट्रीय स्मारक बनाया गया है

जिसका आगामी 11 नवम्बर को उद्घाटन किया जाएगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा सेवाओं से जुड़ी संस्था दि यूनाइटेड सर्विस इन्स्टीट्यूशन ऑफ इंडिया (यूएसआई) के सदस्य सचिव

लेफ्टिनेंट जनरल सेवा निवृत्त पी के सिंह और सचिव स्क्वैड्रन लीडर सेवा निवृत राणा टी एस चिन्ना ने

प्रथम विश्वयुद्ध के स्मरणोत्सव के बारे में सोमवार को यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि

इस युद्ध में भारतीय जवानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि

यदि भारतीय सेना सही समय पर मदद के लिए नहीं पहुंचती तो इस युद्ध का परिणाम कुछ और ही होता।

इतिहास में कहीं भी भारतीय जवानों के योगदान का उल्लेख नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जवानों के योगदान का स्मरण करने, उनके बलिदान को सम्मान देने

तथा उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए फ्रांस में ‘भारतीय सैन्य स्मारक’ बनाया जा रहा है।

प्रथम विश्वयुद्ध में भारतीय सैनिकों ने ही पलटी थी बाजी

इसके लिए फ्रांस सरकार ने जमीन दी है और यह स्मारक यूएसआई, भारतीय सशस्त्र सेनाओं और सरकार की मदद से बनाया जा रहा है।

यह देश से बाहर पहला राष्ट्रीय सैन्य स्मारक होगा जिस पर राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चक्र बना होगा।

इस गांव के पास के रणक्षेत्र में भीषण युद्ध हुआ था जिसमें 1917 में पहली बार टैंकों का इस्तेमाल किया गया था।

इस लड़ाई में भारतीय सेना के दफेदार गोविंद सिंह को विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित किया गया था।

प्रथम विश्वयुद्ध में लगभग 14 लाख भारतीय जवानों ने हिस्सा लिया था

और इनमें से 72 हजार शहीद हुए थे तथा 67 हजार घायल हुए थे।



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