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पहले चरण की 71 सीटों में से कई पर महिलाएं मजबूती से खड़ी

  • निवर्तमान विधायकों को चुनौती देंगी नवोदित महिला प्रत्याशी

पटना: पहले चरण में 28 अक्टूबर को 71 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में कई

सीटें ऐसी हैं, जहां निवर्तमान विधायकों को नवोदित महिला प्रत्याशी चुनौती दे रही हैं।

बिहार में महिलाओं को सशक्त बनाने और राजनीति में उनकी सहभागिता बढ़ाने के लिए

बड़े-बड़े दावे करने वाले राजनीतिक दलों ने इस बार के चुनाव में उन्हें टिकट देने में कंजूसी

दिखाई है।पहले चरण में 71 सीटों पर हो रहे चुनाव में 1066 प्रत्यपाशी चुनावी मैदान में हैं।

इनमें 952 पुरुष जबकि महज 114 महिला हैं, जो इस चरण के कुल उम्मीदवारों का 10.69

प्रतिशत है। इस चरण में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सर्वाधिक 10, जनता दल यूनाइटेड

(जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पांच-पांच, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा)

ने आठ, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने चार, कांग्रेस ने एक तथा बहुजन समाज

पार्टी (बसपा) ने दो महिला प्रत्याशियों पर भरोसा दिखाया है।

जमुई जिले की जमुई सीट से भाजपा के टिकट पर पहली बार पूर्व केन्द्रीय मंत्री दिग्विजय

सिंह पुत्री तथा अंतर्राष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह राजद निवर्तमान विधायक विजय प्रकाश

यादव को चुनौती दे रही हैं।

पहले चरण की मोर्चाबंदी में महिलाओं में कई नये चेहरे

वर्ष 2015 में राजद के श्री यादव ने पूर्व कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह के पुत्र और भाजपा के अजय

प्रताप को 8240 मतों के अंतर से पराजित किया था। इस बार श्री अजय प्रताप इस बार

रालोसपा के टिकट पर चुनावी रणभूमि में उतर आये हैं।

मुंगेर जिले की तारापुर सीट से राजद के टिकट पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री जय प्रकाश नारायण

यादव की पुत्री एवं नवोदित प्रत्याशी दिव्या प्रकाश जदयू के निवर्तमान विधायक डॉ.

मेवालाल चौधरी को टक्कर देने जा रही हैं। वर्ष 2015 के चुनाव में जदयू के डॉ. चौधरी ने

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के उम्मीदवार शकुनी चौधरी को 11947 मतों के अंतर से

हराया था। नवादा सीट से दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता राजबल्लभ यादव की पत्नी एवं

राजद उम्मीदवारी नवोदित विभा देवी का मुकाबला जदयू के निवर्तमान विधायक कौशल

यादव से होगा।

राजबल्लभ यादव की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद 2019 में हुए उपचुनाव में

जदयू के कौशल यादव ने जीत हासिल की थी। भोजपुर जिले की जगदीशपुर सीट से जदयू

ने दांवा पंचायत की मुखिया सुष्मलता कुशवाहा को पहली बार विधानसभा चुनाव के रण

में उतारा है और वह राजद के निवर्तमान विधायक राम विशुन सिंह को चुनौती दे रही हैं।

टिकट कटने से नाराज नेताओं ने भी महिलाओं को आगे किया

टिकट कटने से से नाराज पूर्व मंत्री श्री भगवान सिंह कुश्वाहा लोजपा के सिंबल पर चुनाव

को त्रिकोणीय बना रहे हैं। पिछले चुनाव में श्री सिंह ने बीएलएसपी के राकेश रोशन को

10195 मतों के अंतर से मात दी थी।

डुमरांव से जदयू की प्रवक्ता नवोदित अंजुम आरा जदयू से टिकट कटने से नाराज

निर्दलीय चुनाव लड़ रहे निवर्तमान विधायक ददन यादव उर्फ ददन पहलवान को टक्कर दे

रही हैं।

वहीं, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के टिकट पर

पहली बार जोर लगा रहे अजित कुमार सिंह और महाराज कमल बहादुर सिंह के पौत्र

निर्दलीय शिवांग विजय सिंह मैदान में हैं। पिछले चुनाव में जदयू के ददन यादव ने

बीएलएसपी के राम बिहारी सिंह को 30339 मतों से हराया था।

कैमूर जिले की मोहनिया (सु) सीट से राजद की नयी प्रत्याशी संगीता देवी भाजपा के

निवर्तमान विधायक निरंजन राम से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। वहीं, रालोसपा की

नवोदित उम्मीदवार सुमन देवी भी टक्कर देने के लिए मैदान में हैं। पिछले चुनाव में

भाजपा के श्री राम ने कांग्रेस के संजय कुमार को 7581 मतों के अंतर से परास्त किया था।

बाराचट्टी सीट पर दोनों तरफ की महिलाएं पहली बार

गया जिले की बाराचट्टी (सु) सीट से लोजपा ने रेणुका देवी जबकि बसपा ने रीता देवी को

चुनावी समर में उतारा है। दोनों उम्मीदवार पहली बार चुनावी अखाड़े में हैं। राजद की

निवर्तमान विधायक समता देवी फिर से दाव लगा रही हैं।

वहीं हम की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की समधन एवं पूर्व विधायक ज्योति

देवी चुनावी मैदान में हैं। वर्ष 2015 में राजद की समता देवी ने लोजपा की सुधा देवी को

19126 मतों के अंतर से शिकस्त दी थी।

इमामगंज (सु) सीट से लोजपा के टिकट पर पूर्व विधायक रामस्वरूप पासवान की पुत्रवधू

एवं नवोदित प्रत्याशी कुमारी शोभा सिन्हा हम के अध्यक्ष जीतनराम मांझी को चुनौती दे

रही हैं।

वहीं, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और राजद उम्मीदवार उदय नारायण चौधरी भी फिर से

चुनावी अखाड़े में दम भर रहे हैं। पिछले चुनाव में श्री चौधरी ने जदयू के टिकट पर

किस्मत आजमायी थी, जहां उन्हें श्री मांझी से 29408 मतों के अंतर से हार का सामना

करना पड़ा।

बांका में लोजपा ने दिग्गजों के मुकाबले नया चेहरा उतारा

बांका जिले की बेलहर सीट से लोजपा की नयी प्रत्यशी कुमारी अर्चना राजद के निवर्तमान

विधायक रामदेव यादव और जदयू की ओर से से विधान पार्षद मनोज यादव जोर आजमा

रहे हैं। वर्ष 2015 में यहां से जदयू के गिरधारी यादव ने जीत हासिल की थी। वर्ष 2019 के

लोकसभा चुनाव में श्री गिरधारी यादव के विजयी होने के बाद रिक्त हुयी बेलहर  वि. सभा

सीट पर हुये उपचुनाव में राजद के रामदेव यादव निर्वाचित हुये। पटना जिले की पालीगंज

सीट से रालोसपा ने नवोदित मधु मंजरी, जदयू ने राजद छोड़ आए जयवर्द्धन यादव उर्फ

बच्चा यादव और भाकपा-माले ने अखिल भारतीय विद्यार्थी संघ (आईसा) के राष्ट्रीय

महासचिव संदीप सौरभ को उतारा है।

टिकट नहीं मिलने से नाराज उषा विद्यार्थी भी पहले चरण की रणभूमि में

टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा की उपाध्यक्ष रहीं डॉ. उषा विद्यार्थी ने लोजपा का

दामन थाम चुनाव में ताल ठोक रही हैं। पिछले चुनाव में राजद के जयवर्द्धन यादव ने

भाजपा के रामजनम शर्मा को 24453 मतों कें अंतर से परास्त किया था।

जहानाबाद से भाजपा से टिकट नहीं मिलने से नाराज नवोदित इंदु कश्यप लोजपा के

टिकट के सहारे शिक्षा मंत्री और घोसी के निवर्तमान विधायक कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा को

चुनौती दे रही है। वर्ष 2015 में श्री वर्मा ने घोसी सीट से चुनाव से किस्मत आजामायी थी

और हम के राहुल कुमार को 21625 मतों के अंतर से मात दी थी। वहीं, पिछले चुनाव में

जहानाबाद से राजद के मुंद्रिका सिंह यादव ने बीएलएसपी के प्रवीण कुमार को 30321

मतों के अंतर से पराजित किया था। श्री यादव के निधन के बाद हुये उपचुनाव में उनके पुत्र

सुदय यादव ने इस क्षेत्र पर राजद का कब्जा बरकरार रखा। इस बार राजद ने फिर से सुदय

यादव को चुनावी समर में उतारा है।


 

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