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देश में इस साल महँगा हो सकता है आम, केला, पपीता

नयी दिल्लीः देश में इस साल आम, केला, अंगूर और पपीता जैसे फलों

के  उत्पादन में कमी होने की आशंका है जिनसे ये आम लोगों की पहुँच

से दूर हो सकते हैं जबकि पिछले कई महीने तक महँगाई का शतक

लगाने वाले प्याज की पैदावार में वृद्धि होने की उम्मीद है। कृषि

मंत्रालय ने सोमवार को वर्ष 2019-20 में बागवानी फसलों की पैदावार

को लेकर जारी अपने पहले पूर्वानुमान में कहा है कि इस बार आम के

साथ साथ केला, अंगूर, खट्टे फलों, पपीता और अनार के उत्पादन में

वर्ष 2018-19 के मुकाबले 2.27 प्रतिशत की कमी होने का अनुमान है।

इसी प्रकार से सब्जियों के उत्पादन में वर्ष 2018-19 की तुलना में इस

बार 2.64 प्रतिशत की कमी आने की संभावना है। सब्जियों में

विशेषकर दैनिक जरूरत की आलू, प्याज और टमाटर की पैदावार में

वृद्धि का अनुमान है। प्याज की पैदावार में 7.17 प्रतिशत की वृद्धि

होकर दो करोड़ 45 लाख टन होने का अनुमान है। वर्ष 2018-19 में दो

करोड़ 28 लाख टन से अधिक प्याज का उत्पादन हुआ था। आलू की

पैदावार में 3.49 प्रतिशत की वृद्धि होकर 5.19 करोड़ टन होने की

उम्मीद है। वर्ष 2018-19 में इसका उत्पादन पाँच करोड़ टन से

अधिक हुआ था।


देश में इस साल प्याज की कीमत भी आसमान पहुंची

इस साल अचानक प्याज की कीमतों में भी हुई बढ़ोत्तरी के बाद अब

उसके दाम धीरे धीरे कम हो रहे हैं। वैसे अब तक सरकारी स्तर पर यह

नहीं बताया गया है कि प्याज की फसल ठीक होने के बाद भी कीमतों

में यह बढ़ोत्तरी क्यों हुई थी। टमाटर के उत्पादन में 1.68 प्रतिशत की

वृद्धि होकर एक करोड़ 93 लाख टन होने की आशा है। वर्ष 2018-19 में

इसका उत्पादन करीब एक करोड़ 90 लाख टन हुआ था। वर्ष 2018-19

की तुलना में वर्ष 2019-20 में बागवानी फसलों की कुल पैदावार में कुल

0.84 प्रतिशत वृद्धि होने अनुमान है। इस बारे में जानकारों ने पहले से

ही लोगों को आगाह भी कर दिया है।

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