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मानसरोवर यात्रा हुई आसान, धारचूला से लिपुलेख लिंक खुला

नयी दिल्लीः मानसरोवर यात्रा को आसान बनाया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने

उत्तराखंड में धारचूला से चीन सीमा पर स्थित लिपुलेख तक रोड़ लिंक का आज उद्घाटन

किया जिससे कैलाश मानसरोवर यात्रा सुगम बनेगी। उसमें समय कम लगेगा और

सीमावर्ती क्षेत्र में आवागमन आसान बनेगा। श्री सिंह ने यहां वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये

इस लिंक का उद्घाटन किया और पिथौरागढ से गुंजी के लिए वाहनों के काफिले को भी

हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार दूर दराज के

क्षेत्रों के विकास के लिए एक विशेष दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है। इस महत्वपूर्ण

लिंक के पूरा होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का दशकों पुराना सपना पूरा हो गया है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सड़क मार्ग के खुलने से क्षेत्र में स्थानीय व्यापार

और आर्थिक गतिविधियों को बढावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस लिंक मार्ग के बनने से

पहले कैलाश मानसरोवर यात्रा में दो से तीन सप्ताह का समय लगता था जबकि अब यह

एक सप्ताह में पूरी हो जायेगी। अस्सी किलोमीटर लंबी इस सड़क की ऊंचाई अलग अलग

जगह पर 6000 से लेकर 17 हजार 60 फुट तक है। लिपुलेख मार्ग से कैलाश यात्रा पर जाने

वाले श्रद्धालुओं को ऊंचे पहाड़ों पर बड़ी दिक्कतों के साथ 90 किलोमीटर का सफर तय

करना पड़ता था। सिक्किम और नेपाल के रास्ते जाने पर यात्रियों को 80 प्रतिशत यात्रा

चीन की सड़कों पर करनी होती थी और केवल 20 प्रतिशत भारतीय सड़क पर लेकिन अब

यह अनुपात बदल गया है और घटियाबगड़ – लिपुलेख रोड़ के खुलने से श्रद्धालु 84 प्रतिशत

यात्रा भारतीय सड़क पर और केवल 16 प्रतिशत यात्रा चीन की सड़क पर करेंगे।

मानसरोवर की यात्रा का अधिकांश अब भारतीय सीमा में

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सीमा सड़क संगठन के इंजीनियरों और कर्मचारियों को

बधाई देते हुए श्री सिंह ने कहा कि उनके समर्पण से यह सफलता मिली है। साथ ही उन्होंने

इस सड़क के निर्माण कार्य के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों को श्रद्धांजलि भी अर्पित

की। संगठन के कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग अपने घरों से

दूर रहकर देश के लिए महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। संगठन के महानिदेशक ले. जनरल

हरपाल सिंह ने कहा कि कई कारणों से इस सड़क को बनाने में बार बार बाधा आयी लेकिन

कर्मचारियों ने सभी प्रतिकूल परिस्थितियों में हिम्मत के साथ काम किया और इसे पूरा

किया। इस मौके पर चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल

मनोज मुकुंद नरवणे , रक्षा सचिव अजय कुमार , अलमोड़ा से लोकसभा सदस्य अजय

टमटा और मंत्रालय तथा संगठन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।


 

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