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शोले का डॉयलॉग दोहराकर ममता बनर्जी ने सीधे चुनौती दी

कोलकाताः शोले का डॉयलॉग फिर से चर्चा में है। सुपर हिट फिल्म शोले का यह वाक्य

कभी युवाओं की जुबान पर चढ़ा होता था। इसे फिल्म में गब्बर सिंह (अमजद खान) ने

बोला था। यह डॉयलॉग था, जो डर गया समझो मर गया। इसी बात को दोहराते हुए

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने फिर से केंद्र पर हमला बोला है। साथ ही उन्होंने अन्य

मुख्यमंत्रियों से भी केंद्र की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है। पश्चिम

बंगाल के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत और नंदीग्राम से ममता बनर्जी

की हार के बीच भाजपा के साथ टीएमसी का विवाद चरम पर है। भाजपा लगातार यह

आरोप लगा रही है कि चुनाव बीत जाने के बाद टीएमसी के लोग लगातार भाजपा के लोगों

पर हमला कर रहे हैं। वैसे इस बारे में सोशल मीडिया में कई बार फर्जी तस्वीरों का

इस्तेमाल किये जाने की बात भी सामने आ चुकी है। इस बार यास तूफान के लिए

प्रधानमंत्री की बैठक में भाग लिये बिना निकल जाने का आरोप विवाद को और गरमा गया

है। दरअसल अमित शाह सहित कई भाजपा नेताओं ने इस घटना को अपमानजनक

कहकर टीएमसी सुप्रिमो को और भड़का दिया। जिसका नतीजा यह हुआ कि पलटवार

करते हुए सुश्री बनर्जी ने यह भांडा फोड़ दिया कि उन्हें प्रधानमंत्री की बैठक के लिए आधा

घंटा इंतजार कराया गया था। अपनी बात रखते हुए उन्होंने इसके गवाहों का भी उल्लेख

कर दिया। इस घटना के तुरंत बाद चार दिन पहले ही दिल्ली से वापस भेजे गये पश्चिम

बंगाल के मुख्य सचिव को फिर से केंद्र सरकार ने वापस बुलाने का निर्देश जारी कर यह

साफ कर दिया कि वह बदले की भावना से काम कर रही है।

शोले का डॉयलॉग कहा तो केजरीवाल की प्रतिक्रिया आयी

केंद्र का निर्देश होने के बाद भी बंगाल की मुख्यमंत्री ने अपने मुख्य सचिव को छोड़ने से

इंकार कर दिया। इस बीच कल यानी 31 मई को वह सेवानिवृत्त होने के बाद अगले तीन

वर्षों के लिए मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार बना दिये गये हैं। केंद्र ने सेवानिवृत्त मुख्य

सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भारतवर्ष के इतिहास में यह पहली

घटना है इसलिए कानून के जानकार इसकी अंतिम परिणति क्या हो सकती है, इसकी

जांच के लिए कानून की किताबों और न्यायालयों के पूर्व आदेशों की प्रतियां देख रहे हैं।

लेकिन इस विवाद के बीच फिल्म शोले के गब्बर सिंह का डॉयलॉग लोगों द्वारा पसंद

किया गया है। सभी मुख्यमंत्रियो से केंद्र की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने की

अपील के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान आया है। जिसमें उन्होंने

केंद्र सरकार को सलाह दी है कि यह राज्य सरकारों से उलझने का वक्त नहीं है। इस समय

में सभी सरकारों का ध्यान कोरोना महामारी पर होना चाहिए।

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