सुदेश महतो ने कहा पुरुष प्रधान रूढ़िवादी मान्यता को तोड़ना होगा

सुदेश महतो ने कहा पुरुष प्रधान रूढ़िवादी मान्यता को तोड़ना होगा
Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

संवाददाता
रांची: सुदेश कुमार महतो ने कहा है कि पारंपरिक पुरूष प्रधान मान्यता को तोड़े जाने के बिना समान महिला भागीदारी के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता है।

ये जो व्यवस्था चली आ रही है इसे समाप्त करने के लिए सबसे बड़ा प्रयास महिलाओं को ही करना होगा।

महिलाएं जिस दिन पुरूष प्रधान समाज की मान्यता पर ठप्पा लगाना बंद कर देंगी, तस्वीर भी बदलती दिखेगी।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मूरी स्थित हिडांलको क्लब में आयोजित समारोह में वे बोल रहे थे।

उन्होंने महिलाओं को बधाई देते हुए आह्वान किया कि

वे अवसर को सफलता में बदलें जिसमें हर महिला और बेटी को समान अवसर सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा महिला दिवस एक अवसर लेकर आता है जब महिलाएं खुद का मूल्यांकन कर सकती हैं।

सामाजिक परिवर्तन की दारोमदारी महिलाओं के हाथों में है।

इसकी शुरूआत घर से होनी चाहिए।

बराबरी नहीं बदलाव के लिए. हर मां, निवाले की पहली थाली बेटी को परोसें।

पति या बेटे को पहली थाली देने के मिथक तोड़ें, परिणाम आपके सामने होगा।

उन्होंने कहा कि पूरे झारखंड में सिल्ली की महिला समूहों ने अपना नाम और काम स्थापित किया है।

सिल्ली क्षेत्र में हमने अनेक ऐसे निर्णय लिये हैं जिससे महिला सशक्तिकरण हुआ है।

सिल्ली मंथ संगठित होकर महिलाएं एकसाथ कदमताल करती रही हैं।

श्री महतो ने कहा की सिल्ली विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं ने

सीखने समझने की ललक और मेहनत से जीवन में जितने बदलाव लाए हैं और इसका गुमान हमें भी है

और इस शक्ति को वे सलाम करते हैं।

उन्होंने कहा कि इतना होने के बाद भी परिवर्तन की कहानी बाकी है और कहानी है कि

कोई महिला यह नहीं कहे कि वे पुरूष प्रधान समाज में रहती हैं।

उन्होंने कहा कि जितनी बहस हो जाए, कार्यक्रम कर लिए जाएं, लेकिन महिलाएं जब ठान लेंगी कि वे बराबरी का हक और अधिकार हासिल करेंगी तभी यह बदलाव दिखेगा।

श्री महतो ने पूछा कि आखिर बेटियां क्यों ऊंची कक्षाओं तक नहीं पढ़े।

बेटियां क्यों नहीं साइकिल स्कूटी चलाए।

बेटा अगर अंग्रेजी स्कूल में पढ़ेगा, तो बेटी क्यों नहीं अंग्रेजी पढ़ेगी।

घर को चलाना महिलाओं के हाथ में है और वे जैसा चाहेंगी वैसा चलेगा।

मां, अगर ठान ले, तो बेटियों को बराबरी का हक मिलता रहेगा।

इसलिए महिलाएं ऐसा भविष्य बनायें जिसमें समानता दिखाई पड़े।

समारोह की अध्यक्षता सिल्ली प्रखंड प्रमुख रेखा देवी ने की।

जबकि संचालन जिला परिषद सदस्य वीणा देवी ने किया।

जबकि सिल्ली के प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

इनके अलावा सोनाहातू, राहे से महिला समूह की सदस्य और कस्तूरबा स्कूल की छात्राएं भी बड़ी तादाद में पहुंची थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.