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माघ बिहू आज, मकर संक्रांति पर एक करोड़ से अधिक लोग सूर्य नमस्कार करेंगे




  • अमेरिका सहित कई देशों में होगा सूर्य नमस्कार कार्यक्रम
  • कोविड-19 के समय अधिक प्रासंगिक : सोनोवाल
  • दुनिया के कई देशों में होगा यह आयोजन
  • असम का एक प्रमुख त्योहार है बिहू
भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : माघ बिहू या भूगाली बिहू भारत के असम प्रदेश में मनाया जाने वाला एक प्रमुख पर्व है । मकर संक्रांति पर मनाया जाता है और फसलों की कटाई और उससे उपजे उल्लास का प्रतीक है । जिस प्रकार सूर्य देव के उत्तरायण होने पर उत्तर भारत में लोहड़ी, दक्षिण में पोंगल मनाया जाता है उसी उत्तर पूर्वी राज्य असम में माघ बिहू मनाया जाता है ।




पोंगल की ही तरह बिहू भी किसानों का ही त्योहार है । इस दिन लोग पारंपरिक धोती, गमोसा और अन्य रंगीन कपड़े पहन कर माघ बिहू मनाया जाता है । इस दिन असम के लोग खार, आलू पितिका, जाक, मसोर टेंगा आदि खाते हैं।

हालांकि, 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार है। मकर संक्रांति की सुबह विश्वभर में लगभग एक करोड़ से अधिक लोग सूर्य नमस्कार करेंगे। आयुष मंत्रालय 14 जनवरी को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम करने जा रहा है। आयुष मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि इस दौरान एक करोड़ लोग सूर्य नमस्कार करेंगे।




माघ बिहू इस राज्य का प्रमुख समारोह है

आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में 95 लाख के लक्ष्य की तुलना में एक करोड़ से अधिक लोगों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है। सोनोवाल ने कहा कि यह एक सिद्ध तथ्य है कि सूर्य नमस्कार जीवन शक्ति और इम्यूनिटी का निर्माण करता है, इसीलिए कोरोना को दूर रखने में ये सक्षम है।

केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि मकर संक्रांति पर होने वाला सूर्य नमस्कार प्रदर्शन कोविड-19 के समय अधिक प्रासंगिक है।असम के पूर्व मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राष्ट्रीय खबर से बात करते हुए आज कहां है कि परंपरा के अनुसार पूरे भारत में सूर्य नमस्कार होगा और अमेरिका सहित साउथ एशिया के बहुत सारे देशों में यह कार्यक्रम होने जा रहा है ।

सूर्य नमस्कार वैज्ञानिक गार्डन में बना हुआ है । इसमें लोगों को बहुत ही प्रभावित करता है । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2015 से लगातार यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रहा है। सोनोवाल ने कहा कि भारत और विदेशों के सभी प्रमुख योग संस्थानों जैसे- भारतीय योग संघ, राष्ट्रीय योग खेल संघ, योग प्रमाणन बोर्ड, फिट इंडिया के साथ-साथ अन्य सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के विश्वव्यापी कार्यक्रम में भाग लेने की उम्मीद है।



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