यमन में ISIS के चंगुल से 18 महीने बाद छुड़ाए गए फादर टॉम

यमन के अदन में फादर टॉम को 18 महीने पहले बंधक बना लिया गया था।

Spread the love
यमन में फादर टॉम को मार्च 2016 में बंधक बनाया गया था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर फादर टॉम की रिहाई की पुष्टि की है।

यमन से फादर टॉम को नाजुक हालत में आईएस के चंगुल से छुड़ाया गया और उन्हें ओमान ले जाया गया है।

फादर टॉम को ओमान सरकार के हस्तक्षेप के बाद

आईएस के चंगुल से छुड़ाया गया। ओमान सरकार ने

ऑनलाइन स्टेटमेंट जारी कर कहा है, “बादशाह सुल्तान

काबूस बिन सईद के आदेश और वेटिकन से मिले अनुरोध

पर कार्रवाई करते हुए और यमन सरकार के सहयोग से

वेटिकन सरकार के एक कर्मचारी को छुड़ा लिया गया है।

उन्हें उनके घर भेजने की तैयारियों के तहत आज सुबह उन्हें मस्कट भेज दिया गया।”

फादर टॉम की आईएस के चंगुल से रिहाई की खबर

पर केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने पर खुशी व्यक्त

की है। विजयन ने मलयालम में किए गए अपने

फेसबुक पोस्ट में लिखा है, “आतंकवादियों द्वारा बंधक

बना लिए गए फादर टॉम की रिहाई खुश करने वाली खबर है।

मुझे पता चला है कि ओमान सरकार के हस्तक्षेप से

फादर टॉम की रिहाई संभव हो सकी।

आईएस के आतंकवादी मार्च 2016 मेें अदन में मिशनरीज

ऑफ चैरिटी के एक वृद्धाश्रम में एक व्यक्ति के रिश्तेदार

बनकर घुस गए थे। अंदर जाकर आतंकवादियों ने अंधाधुंध

गोलीबारी की, जिसमें चार भारतीय नन सहित कुल 16

लोग मारे गए थे। फादर टॉम उस समय वहां पादरी के

तौर पर नियुक्त थे। आतंकवादियों ने उन्हें बंधक बना

लिया और तब से ही यमन में आईएस के चंगुल में

फंसे हुए थे। इस बीच फादर टॉम किसी तरह मई 2017

में एक वीडियो मैसेज भेजने में सफल रहे। इस वीडियो संदेश में फादर टॉम ने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोप फ्रांसिस से खुद को छुड़ाने की अपील की थी।

You might also like More from author

Comments are closed.

Optimization WordPress Plugins & Solutions by W3 EDGE