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मदरसा बम विस्फोट में आरडीएक्स का उपयोग नहीं हुआ

  • एटीएस को मिली प्रारंभिक जानकारी

  • जिला प्रशासन पहले ही कह चुका था

पटना: मदरसा बम विस्फोट दरअसल एक देसी बम था। इसमें कोई आतंकी कनेक्शन

नहीं है। बांका के नवटोलिया स्थित मदरसा-मस्जिद में हुए बम विस्फोट की घटना में

फिलहाल आर डी एक्स के उपयोग की संभावना नगण्य हो गई है । एटीएस को प्रारंभिक

छानबीन में यह जानकारी मिली है । ऐसा प्रतीत होता है कि इसे बनाने में दरअसल

सामान्य जिलेटीन के छड़ों का ही इस्तेमाल हुआ है।

वीडियो में देखिये जिला के अधिकारियों ने क्या कहा

मामले की जांच करने पटना से सात सदस्यीय एटीएस की टीम ध्वस्त मदरसा की जांच

करने पहुंची हुई है। पटना -रांची से भी एन आईए अधिकारी बांका जिला के पुलिस

अधिकारी वह एटीएस के साथ रहकर जांच कर रहे हैं। अबतक जो जांच की गई है उसके

मुताबिक बम की ज्यादा संख्या को एक साथ रखने और बक्से के अंदर रखने की वजह से

ये धमाका हुआ था। साथ ही जानकारी मिली है उसके मुताबिक आरडीएक्स या दूसरे

गंभीर विस्फोटक की मौजूदगी के बारे में कोई प्रमाण नहीं मिला है। शुरुआती जांच के

मुताबिक पाउडर वाले दूध के डिब्बों का बम बनाने के लिए प्रयोग किया गया था। इन देशी

बमों को बनाने के बाद बक्से में रखा गया था। बम की ज्यादा संख्या को एक साथ बक्से के

अंदर रखने की वजह से यह धमाका हुआ था। बम को बनाने के लिए पतली सुतली और

कीलों का प्रयोग किया गया था। बताया जा रहा है कि मदरसे में बम बनाने की ट्रेनिंग दी

जा रही थी। इसे लेकर झारखंड में खुफिया विभाग के अधिकारी मृतक शख्स अब्दुल

मोबीन सहित कई अन्य लोगों से संबंधित जानकारी जुटा रही है।

मदरसा वम विस्फोट में बम बनाने वालों की तलाश

साथ ही ट्रेनिंग देने वाले स्लीपर सेल और उस मदरसा में आने-जाने वाले कुछ संदिग्ध

लोगों से जुड़े लोगों की भी तफ़्तीश कर रही है। विस्फोट टाउन थाना क्षेत्र के नवटोलिया

मदरसा भवन के एक कमरे के अंदर सुबह आठ बजे हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कहा

था कि प्रथम दृष्या तो यह लगता है कि जिलेटिन के कारण यह विस्फोट हुआ है। विस्फोट

के समय मदरसे में दस से अधिक व्यक्ति मौजूद थे। जिस कमरे में धमाका हुआ वह कई

दिनों से बंद था। पुलिस का कहना है कि विस्फोट ग्राउंड फ्लोर के एक कमरे में हुआ। इससे

मदरसे की दीवारों और छत में दरार आ गई। जिस कमरे में धमाका हुआ था, कुछ देर बाद

वह ढह गया। वहीं आस-पास के घरों के शीशे टूट गए। पुलिस इस बात की छानबीन कर

रही है कि जिलेटिन की छड़ वहां कैसे पहुंचे और उनका भविष्य में क्या उपयोग होने वाला

था। यह विस्फोट कैसे हुआ किस लापरवाही से हुआ।

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