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लाखों भक्तों की इच्छा पूरी करती हैं मां तुतला भवानी मंदिर

  •  तिलौथू प्रखंड का यह मंदिर काफी प्राचीन है

  •  1158 के दो शिलालेख यहां अब भी मौजूद

  •  कई किवंदतियां भी प्रचलित हैं इस मंदिर की

दीपक नौरंगी

रोहतासः लाखों भक्तों की भीड़ हर साल यहां नजर आती है। कोरोना संकट के दौरान लॉक

डाउन में भले ही वीरानी रही लेकिन अब मंदिर में फिर से रौनक लौट आयी है। भभुआ के

पहाड़ी में स्थित मंदिर का इतिहास काफी व्यापक है।

वीडियो में देखे प्रसिद्ध तुतला भवानी मंदिर को

यहां काफी समय से लाखों भक्तों के आने का सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है।

रोहतास जिले के तिलौथू प्रखण्ड स्थित मां तुतलेश्वरी भवानी की प्रतिमा अति प्राचीन है।

राजा प्रताप धवल देव द्वारा लिखवाए गए दो शिलालेख यहां आज भी मौजूद हैं। पहले

शिलालेख में 19 अपै्रल 1158 (1254 संवत शनिवासरे) को महिषासुर मर्दिनी अष्टभुजी

मां दुर्गा की नयी प्रतिमा स्थापित करने का वर्णन है। दूसरे शिलालेख में राजा की पत्नी

सुल्ही, भाई त्रिभुवन धवल देव, पुत्र बिक्रम धवल देव, साहसधवल देव तथा पांच पुत्रियों के

साथ पूजा अर्चना करने का जिक्र है। यह मंदिर मनोवांछित फल प्राप्ति को लेकर प्रसिद्ध

है। शारदीय नवरात्र की नवमी तथा श्रावण पूर्णिमा को रोहतास जिले के तिलौथू प्रखंड के

कई गांवों के लोग पहले तुतलेश्वरी माता की पूजा अर्चना कर ही कुलदेवता की पूजा अर्चना

करते हैं। श्रावण मास में पूरे माह मेला तथा नवरात्र में 9 दिनों के मेले का आयोजन होता

है। जिसमें लाखों लोग यहां आते हैं। 

लाखों भक्तों की आस्था के केंद्र में अशुद्ध विचार लेकर जाना मना है

मंदिर के बारे में ऐसी मान्यता है कि जो यहां अशुद्ध विचार से जाता है, उसे भ्रामरी देवी

(भंवरा) का प्रकोप झेलना पड़ता है। दर्जनों लोगों के साथ घटनाएं घटी है। यहां बकरे की

बलि देने का रिवाज है। लेकिन कुछ साल पहले बिहार सरकार ने इस पर रोक लगा दी है

किवदंती है कि मंदिर प्रांगण में नवरात्र की नवमी तिथि की मध्य रात्रि में परियों द्वारा

नृत्य-गीत के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। तुतलेश्वरी भवानी मंदिर के आसपास की

प्राकृतिक छटा मनोरम है। महिषासुर मंर्दिनी की प्रतिमा तुतराही जल प्रपात के मध्य में

स्थापित है। पूरे रोहतास व कैमूर जिले में इस प्रकार का अद्भुत जल प्रपात नहीं है। दर्शन

करने आए कई भक्तों का कहना है कि इतना अलौकिक प्राकृतिक सौन्दर्य पूरे बिहार में

नहीं है।

कैसे पहुंचे

मां तुतला भवानी मंदिर का निकटतम रेलवे स्टेशन डेहरी आन-सोन है। वहीं निकटतम

बस स्टैंड रामडिहरा आन-सोन है। यह बस स्टैण्ड एनएच-2 सी (डेहरी-यदुनाथपुर पथ) पर

अवस्थित है। यहां से 5 किमी. पश्चिम कैमूर पहाड़ी की घाटी में जाना पड़ता है। इसके लिए

आटो रिक्शा उपलब्ध है। मंदिर से 100 मीटर की दूरी तक सड़क बनी हुई है। रोहतास

जिला मुख्यालय सासाराम से मंदिर की दूरी 25 कि.मी. है।


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