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लेफ्टिनेंट जनरल रविन खोसला ने कहा पाकिस्तान से लेकर चीन तक को मिलेगा करारा जवाब




रेगिस्तान से लेकर पहाड़ तक भारतीय सेना की बड़ी तैयारी

रूसी राष्ट्रपति पुतिन 6 को नईदिल्ली आ रहे हैं

एस 400 की तैनाती से चीन का चिढ़ना लाजिमी

गलवान के नुकसान की भरपाई कर लेगी भारतीय सेना

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : लेफ्टिनेंट जनरल रबिन खोसला ने कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तान से लेकर चीन तक को सबक सीखाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके मुताबिक पाकिस्तान बॉर्डर से लेकर चीन बॉर्डर तक इंडियन आर्मी किस तरह दुश्मन के नापाक इरादों को फेल करेगी और किस तरह जरूरत पड़ने पर दुश्मन का सफाया करेगी, इसकी एक्सरसाइज चल रही है।




चीन के साथ डेढ़ साल से सीमा विवाद जारी है, लेकिन अब भारत के पास ऐसा मास्टरस्ट्रोक आने वाला है जिससे न सिर्फ गलवान में हुए सामरिक नुकसान की भरपाई होगी बल्कि चीन को उसी की भाषा में जवाब भी दिया जा सकेगा, वह भी रूस की मदद से।

मोदी सरकार 2022 की शुरुआत में लद्दाख और अरुणाचल क्षेत्र में एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 (एयर डिफेंस सिस्टम एस-400) के कम से कम दो रेजिमेंट को शामिल करने जा रही है। इस कदम से चीन का चिढ़ना लाजिम है क्योंकि दोनों ही क्षेत्रों में भारत का ड्रैगन से सीमा विवाद जारी है।

इंडियन आर्मी अरुणाचल प्रदेश से लेकर लद्दाख और कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक में एक्सरसाइज कर रही है। ये आर्मी की एनुअल एक्सरसाइज है जिसे ईडब्ल्यूटी यानी एक्सरसाइज विद ट्रूप्स कहते हैं।

एक संवाददाता सम्मेलन में असम और अरुणाचल प्रदेश राज्यों को कवर करने वाली आईवी कोर (गजराज कोर) भारतीय सेना के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल रविन खोसला ने कहा कि जून-जुलाई में आर्मी अलग अलग स्तर पर वॉर गेम करती है। जिसमें सभी संभावनाओं पर बात होती है और किस हालात में किस तरह आर्मी रिएक्ट करेगी उसका खाका तैयार होता है।




लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा वास्तविक युद्ध का अभ्यास जारी है

इसमें हर एक एंगल पर बात कर ऑपरेशन की प्लानिंग तैयार की जाती है। यह एक तरह से कागजों पर होता है जिसके बाद फिर ग्राउंड में इसे वेलिडेट यानी सत्यापित करना होता है। इस वक्त आर्मी की अलग अलग कमांड इसे अलग अलग भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम में वेलिडेट कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि जैसलमेर में आर्मी की सदर्न कमांड की एक्सरसाइज चल रही है जो इस महीने के पहले हफ्ते में शुरू की गई। इसमें रेगिस्तान की परिस्थितियों में किस तरह दुश्मन के खिलाफ ऑपरेशन को अंजाम देना है उसे ग्राउंड लेवल पर चेक किया जा रहा है।

इसमें आर्मी की पैदल सेना (इंफेंट्री), आर्टिलरी, आरमर्ड, एयर डिफेंस सहित सभी आर्म्स हिस्सा ले रही हैं। इसमें आर्टिलरी की अहम भूमिका है क्योंकि रेगिस्तान में होने वाले किसी भी ऑपरेशन में तोपों का अहम रोल होता है। ये एक्सरसाइज इंटीग्रेटेड वॉरफेयर के लिए ऑपरेशंस को भी वेलिडेट कर रही है।

इसमें आर्मी के साथ नेवी, एयरफोर्स और बीएसएफ मिलकर किस तरह ऑपरेशन को अंजाम देगी यह परखा जा रहा है। जैसलमेर में चल रही एक्सरसाइज 26 नवंबर को भारतीय सेना ने पूरा कर लिया है। संवाददाता सम्मेलन में लेफ्टिनेंट जनरल रविन खोसला ने कहा कि एक्सरसाइज के आखिरी दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे भी जैसलमेर जाएंगे।

उस दिन करीब 400 पैराट्रूपर्स एक साथ पैराजंप भी करेंगे। भारत और रूस के बीच करीबी रिश्ते की वजह से ही भारत को इतने कम वक्त में दो एस-400 सिस्टम मिल रहे हैं। यही कारण है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 6 दिसंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। कोरोना वायरस महामारी के बावजूद भी रूस ने भारतीय टीम को S-400 सिस्टम की ट्रेनिंग दी है।



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