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लॉकडाउन की वजह से हो रही परेशानियों की पूर्व मुख्यमंत्री ने चर्चा की

  • झारखंड के हर कोने में बेरोजगारी पैर पसार रही हैः मधु कोड़ा

  • खदान खोलने पर शीघ्र फैसला ले राज्य सरकार

  • राजस्व की कमी से राज्य के खजाने को नुकसान

  • अयस्क उठाने पर सुस्पष्ट निर्देश दे सरकार

राष्ट्रीय खबर

गुवाः लॉकडाउन की वजह से खास तौर पर सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान हो

रहा है। झारखंड राज्य पूर्व मुख्यमंत्री सह पश्चिम सिंहभूम पूर्व सांसद मधु कोड़ा ने गुआ

दौरे के क्रम में झारखंड राज्य में बढ़ती हुई बेरोजगारी की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त

करते हुए राज्य के विभिन्न स्थानों में बंद पड़े लौह अयस्क माइंस को चालू किए जाने की

मांग राज्य एवं केंद्र सरकार से की है। उन्होंने कहा कि ।वर्तमान समय में अगर वैज्ञानिक

तरीके से पश्चिम सिंहभूम व राज्य के विभिन्न स्थानों से लौह अयस्क की निकासी

माइनिंग कर की जाती है, तो काफी मात्रा में लौह अयस्क का निष्कासन संभव है। उन्होंने

कहा कि पिछले दिनों केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा जो आदेश दिया गया है, उसे राज्य

के विभिन्न स्थानों का उत्खनन कार्य प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार माइनिंग

अधिनियम में संशोधन करके जितने भी 50 वर्ष पूरा हो चुका माइंस को नीलामी की

प्रक्रिया में ले रही है। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में नीलामी नहीं किए जाने एवं अपने

अधीन रख माइनिंग कराने की प्रक्रिया की मुहिम चला रही है एवं इसके लिए योजनाबद्ध

तरीकों को अपनाया जा रहा है। इसकी वजह से माइंस ऑनर परेशान हैं, परिणाम स्वरूप

बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। अचानक बीते 31 मई 2020 को बहुत सारे झारखंड के माइंस

को नीलामी प्रक्रिया के तहत ले ली गई है जिसमे शाह ब्रदर्स, रामेश्वर जूट मिल, निर्मल

कुमार प्रदीप कुमार, आधुनिक स्टील, मिश्रीलाल,ठकुरानी माइंस जैसे दर्जन भर माइंस

उक्त आदेश से प्रभावित हैं।इन्हे मुख्य रूप से झारखंड सरकार के अधीन ले ली गई है।

लॉकडाउन की वजह से मजदूरों और राजस्व दोनों पर सोचना होगा

शाह ब्रदर्स को माननीय न्यायालय के आदेश से हवाला दे, राज्य सरकार खदान मालिक के

द्वारा खनन किए गए लौह अयस्क को उठाने का आदेश दिया है। इससे उलझन की

स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसको ले सीधे राज्य सरकार सुस्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर

खनन किए गए माल को उठाने के निर्णय प्रदान करे। किसी भी प्रकार की गैर कानूनी एवं

असंवैधानिक वैचारिक भंग की स्थिति को विराम लगनी चाहिए। क्षेत्र की सारी खदाने

खोलने के लिए राज्य सरकार को निर्णय शीघ्र लेनी चाहिए।

विगत महीनों से चल रहे लॉकडाउन की वजह से झारखंड के कोने कोने से बेरोजगारी ने

पैर फसाना फैलाना शुरू कर दिया है। भारी संख्या में नवयुवक बेरोजगार हो गए हैं। उन्हें

काम मिलना चाहिए, बंद पड़े खदान को जल्द से जल्द चालू किया जाना चाहिए। वर्तमान

चिंतनीय स्थिति की जांच होनी चाहिए। वर्तमान झारखंड सरकार की रॉयल्टी बंद खदानों

की वजह से प्रभावित हो रही है। राजस्व का नुकसान होना सरकार को आर्थिक नुकसान

का संकेत है। भारी वाहनों जुड़े लोगो की स्थिति दयनीय होती जा रही है। संपूर्ण ।राज्य में

करीब 20,000 लोगों के बेरोजगार होने की पुष्टि सरकारी आंकड़ों के द्वारा की गई है। पूर्व

मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि राज्य में होने वाले अवैध माइनिंग पर भी सरकार के

द्वारा नकेल कसी जानी चाहिए।माइनिंग खुलने चाहिए स्थानीय लोगो को शत प्रतिशत

नौकरी मिलनी चाहिए।अरबों रुपया राजस्व की क्षति झारखंड सरकार में के खजाने में

जानी चाहिए सामाजिक परिवेश किसी भी दृष्टि से प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

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