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मुंगेर गोली कांड में लिपि सिंह पहुंची बिहार पुलिस मुख्यालय

  • हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही है जांच

  • दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के वक्त चली थी गोली

  • सीआईडी के एडीजी का प्रोमोशन भी निकट है

  • हाईकोर्ट में 25 जून को सीआईडी सौंपेगी रिपोर्ट

दीपक नौरंगी

भागलपुरः मुंगेर गोली कांड की जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपन की तिथि करीब आ रही है।

पूर्व में जारी अदालती आदेश के मुताबिक इस कांड की जांच सीआईडी कर रही है।

सीआईडी के अपर पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सिंह खुद इसके जांच कर्ता है। इसी

मामले में सहरसा की एसपी लिपि सिंह ने एडीजी सीआईडी से गत गुरुवार को मुलाकात

की थी। पुलिस मुख्यालय में हुई इस मुलाकात का मकसद मुंगेर गोली कांड ही होगा, ऐसा

माना जा रहा है। वैसे इस बारे में दोनों ही पक्षों से भेंट की कोई जानकारी नहीं दी गयी है।

वीडियो में समझिये इसकी पेचिदगी

मुंगेर गोली कांड पर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनो की भी नजर है। दरअसल

इस कांड की वजह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विवादों में घिर गये थे। नीतीश कुमार के

मित्र और वर्तमान में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह की पुत्री लिपि सिंह ही इस

गोलीकांड के वक्त मुंगेर की एसपी थी। गोली चलने और एक युवक की मौत के बाद भी

सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके विरोध में जनता के आक्रामक प्रदर्शन के बाद

आनन फानन में चुनाव आयोग ने वहां से डीएम और एसपी का तबादला कर दिया था।

उस वक्त ऐसा माना गया था कि गंभीर किस्म की घटना होने की वजह से मुंगेर गोली

कांड के तुरंत बाद एसपी लिपि सिंह को कोई प्रमुख जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी। लेकिन

यह अनुमान गलत साबित हुआ क्योंकि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनते ही लिपि सिंह

के सहरसा जैसे महत्वपूर्ण जिला का एसपी बना दिया गया।

मुंगेर गोली कांड की रिपोर्ट पर हर पक्ष की लगी है नजर

मुंगेर गोली कांड पर सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद मृतक के पिता ने कोर्ट

का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद इसके सीआईडी जांच

के आदेश दिये थे। साथ ही यह साफ कर दिया था कि इस मामले की निगरानी खुद

हाईकोर्ट करेगा। इस बीच मृतक के परिवार को मुआवजा देने के निर्देश कापालन नहीं होने

की वजह से भी नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। जानकार मानते हैं कि आम तौर पर सीआईडी

के एडीजी एक गंभीर किस्म के अफसर हैं लेकिन यह उनके लिए बहुत बड़ी चुनौती है।

उनका शीघ्र ही डीजी पद पर प्रोमोशन भी होना है। ऐसे में उनकी रिपोर्ट कैसी होगी, यह

देखने लायक बात होगी। उनके लिए दो धारी तलवार पर चलने जैसी स्थिति है क्योंकि

एक तरफ हाई कोर्ट है तो दूसरी तरफ राज्य सरकार। इस मामले में मगध के कमिशनर

की जांच रिपोर्ट में लिपि सिंह का जरा सा जिक्र भी कमिशनर का तबादला करा चुका है,

इसे लोगों ने देखा है। इस मामले पर मुंगेर के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की भी नजर हैं

तो पुलिस मुख्यालय की जांच से बहुत अधिक उम्मीद नहीं रखते हैं।

बांका से एसटीएफ ने एक कुख्यात नक्सली को पकड़ा

बांका से एसटीएफ की टीम ने कुख्यात नक्सली को गिरफ्तार करने में सफलता पायी है।

पुलिस के मुताबिक इस नक्सली का नाम दिनेश यादव उर्फ दिनेश लाल है। यह बांका के

फुलीडुमर थाना के पथड्डा बड़ी इलाके का रहना वाला है। यह कई मामलों में लंबे समय से

फरार चल रहा था। बांका से एसटीएफ की टीम ने उसे गिरफ्तार करने के बाद जिला पुलिस

को सौंप दिया है। बांका के कई थानों में उसके खिलाफ मामला होने के साथ साथ दिनेश

यादव पर गांधी मैदान, पटना के थाना में भी मामला दर्ज है। गुप्त सूचना के आधार पर

एसटीएफ की टीम ने उसकी टोह में तैयारी कर लेने के बाद छापामारी कर उसे गिरफ्तार

कर लिया है।

बिहार पुलिस ने अब अवकाश की स्वीकृति मिली

बिहार पुलिस के लोग अब छुट्टी पर जा सकेंगे। पुलिस मुख्यालय से एडीजी मुख्यालय ने

इसका आदेश निर्गत किया है। इसके पूर्व कोरोना महामारी की वजह से तमाम पुलिस

वालों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गयी थी। नये आदेश में सभी स्तर के अधिकारियों को

अवकाश पर जाने की छूट दी गयी है। पहले इसी छूट पर रोक लगा दी गयी थी। एडीजी

मुख्यालय के पत्र के मुताबिक कोरोना के घटते संक्रमण की वजह से छुट्टियों पर लगी रोक

को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया है।

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