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लाइन तालाब की हालत भी बड़ा तालाब जैसी विसर्जन सामग्रियों से और भी बिगड़ी

बड़ा तालाब में आधे से अधिक में अब भी जलकुंभी
दोनों तालाबों में घरों की पूजन सामग्री विसर्जन की गंदगी
रांची लेक में निर्माण कार्य का कूड़ा अब भी तालाब के अंदर
दोनों की सफाई से ज्यादा एकत्रित हुआ है पूजा का कचड़ा
संवाददाता

रांचीः लाइन तालाब की हालत भी अब बिगड़ी हुई है।

यहां भी छठ पर्व का आयोजन होता है। इसके साथ बड़ा तालाब में

अब भी पहले के जितनी गंदगी है। वहां जलकुंभी तो पहले से थी

अब लोगो के घरों में हुई पूजा की विसर्जन सामग्री भी लोग इसी

तालाब में डाल गये। इसका नतीजा है कि तालाब में जलकुंभी के साथ साथ

इन पूजन सामग्रियों की भरमार से पूरा तालाब फिर से और ज्यादा

गंदा हो गया है।

आज भी नगर निगम के कर्मचारी इस तालाब की सफाई करते नजर आये।

लेकिन जरूरत के लिहाज से यहां अब भी कर्मचारियों और उपकरणों

की कमी साफ देखी जा सकती है। इसी वजह से यहां छठ करने आने वाले

श्रद्धालुओं के लिए यह चिंता का विषय बन गया है। नगर निगम की तरफ से

वहां सफाई के लिए नियुक्त कर्मचारियों का मानना है कि यह चिंता की

कोई बात नहीं है। छठ के पहले यहां जब अधिक कर्मचारी लगाये

जाएंगे तो यह तालाब हर बार की तरह इस बार भी साफ कर लिया जा सकेगा।

वैसे सफाई कर्मचारियों का भी मानना था कि इस बार दीपावलि के पूजन

के बाद विसर्जित की गयी सामग्रियों की तादाद पहले के मुकाबले काफी

अधिक है। वहां विसर्जन कुंड बनाये जाने के बाद भी लोग इसकुंड के बाहर

भी जहां तहां अपने घर और प्रतिष्ठान के पूजन की सामग्री डालते

आज भी नजर आये। वैसे विसर्जन कुंड भी इन सामग्रियों से पूरी

तरह भरा पड़ा है।

लाइन तालाब में भी धड़ल्ले से डाल रहे हैं विसर्जन सामग्री

जलकुंभी के साथ साथ वहां चारों तरफ जारी निर्माण कार्य का कूड़ा

आज भी तालाब में गिरता नजर आया। यह काम बड़ा तालाब के के

पश्चिमी छोर पर चल रहा है। वहां निर्माण कार्य के लिए जमीन समतल

करने के क्रम में ढेर सारा कचड़ा तालाब में गिरता जा रहा है। इस काम के

लिए बड़ी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जेसीबी मशीनों से हो रहे

काम की वजह से वहां एकत्रित जलकुंभी और मिट्टी एक साथ तालाब के

अंदर जा रही है। इसी वजह से हर रात वहां जलकुंभी का दायरा बढ़ता

जा रहा है। दूसरी तरफ धोबी घाट की तरफ लगभग पूरे इलाके में जलकुंभी

भर चुकी है। लोग अपनी जरूरत के हिसाब के कुछ इलाकों को साफ कर

जैसे तैसे काम चला रहे हैं। लेकिन नगर निगम के लोग भी मानते हैं कि

अधिक कर्मचारियों से पूरी सफाई कर लेने के बाद भी पानी की गंदगी

को साफ कर पाना संभव नहीं होगा।

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