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नये भारत की निर्माण गाथा का स्वर्णिम पृष्ठ बनाएं : मोदी




  • हर नई शुरुआत एक अवसर लाती है
  • संसाधनों का सही इस्तेमाल करने की अपील
  • बड़ा सोचेंगें, बड़े सपने देखेंगे उन्हें पूरा करेंगे
  • नववर्ष की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं

नयी दिल्ली : नये भारत के निर्माण की अपील के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नववर्ष 2022 की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाओं के साथ आज आह्वान किया कि वे अवसरों में बिना एक क्षण गंवाए और संसाधनों का बिना एक कण गंवाए, आने वाले वर्ष 2022 को इतिहास में एक स्वर्णिम पृष्ठ बनाएं।




श्री मोदी ने आकाशवाणी पर अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में लोगों का यह आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ में हम एक महीने बाद फिर मिलेंगे, लेकिन, 2022 में। हर नई शुरुआत अपने सामर्थ्य को पहचानने का भी एक अवसर लाती है। जिन लक्ष्यों की पहले हम कल्पना भी नहीं करते थे। आज देश उनके लिए प्रयास कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे यहां कहा गया है -क्षणश: कणशश्चैव, विद्यामअर्थं च साधयेत्। क्षणे नष्टे कुतो विद्या, कणे नष्टे कुतो धनम।। यानी जब हमें विद्या अर्जित करनी हो, कुछ नया सीखना हो, करना हो, तो हमें हर एक क्षण का इस्तेमाल करना चाहिए। और जब हमें, धन अर्जन करना हो, यानि उन्नति-प्रगति करनी हो तो हर एक कण का, यानि हर संसाधन का, समुचित इस्तेमाल करना चाहिए।

क्योंकि, क्षण के नष्ट होने से, विद्या और ज्ञान चला जाता है, और कण के नष्ट होने से, धन और प्रगति के रास्ते बंद हो जाते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये बात हम सब देशवासियों के लिए प्रेरणा है। हमें कितना कुछ सीखना है, नए-नए नवान्वेषण करने हैं, नए-नए लक्ष्यहासिल करने हैं, इसलिए, हमें एक क्षण गंवाए बिना लगना होगा। हमें देश को विकास की नयी ऊंचाई पर लेकर जाना है, इसलिए हमें अपने हर संसाधन का पूरा इस्तेमाल करना होगा।’’

नये भारत के निर्माण में आत्मनिर्भर भारत भी मंत्र है

उन्होंने कहा, ‘‘ये एक तरह से, आत्मनिर्भर भारत का भी मंत्र है, क्योंकि, हम जब अपने संसाधनों का सही इस्तेमाल करेंगे, उन्हें व्यर्थ नहीं होने देंगे, तभी तो हम लोकल की ताकत पहचानेंगे, तभी तो देश आत्मनिर्भर होगा। इसलिए, आईये हम अपना संकल्प दोहरायें कि बड़ा सोचेंगें, बड़े सपने देखेंगे, और उन्हें पूरा करने के लिए जी-जान लगा देंगे। और, हमारे सपने केवल हम तक ही सीमित नहीं होंगे।




हमारे सपने ऐसे होंगे जिनसे हमारे समाज और देश का विकास जुड़ा हो, हमारी प्रगति से देश की प्रगति के रास्ते खुलें और इसके लिए, हमें आज ही लगना होगा, बिना एक क्षण गँवाए, बिना एक कण गँवाये।’’ श्री मोदी ने सभी को 2022 की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि इसी संकल्प के साथ आने वाले साल में देश आगे बढ़ेगा, और 2022, एक नए भारत के निर्माण का स्वर्णिम पृष्ठ बनेगा।’’

ओमीक्रॉन को सजगता, सावधानी, अनुशासन से पराजित करें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों का आह्वान किया है कि वे कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन को सजगता, सावधानी और अनुशासन के साथ सामूहिक शक्ति से पराजित करें। श्री मोदी ने आकाशवाणी पर अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में लोगों का यह आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि ये जनशक्ति की ही ताकत है, सबका प्रयास है कि भारत सौ साल में आई सबसे बड़ी महामारी से लड़ सका। हम हर मुश्किल समय में एक दूसरे के साथ, एक परिवार की तरह खड़े रहे। अपने मोहल्ले या शहर में किसी की मदद करना हो, जिससे जो बना, उससे ज्यादा करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि आज विश्व में टीकाकरण के जो आंकड़े हैं, उनकी तुलना भारत से करें, तो लगता है कि देश ने कितना अभूतपूर्व काम किया है, कितना बड़ा लक्ष्य हासिल किया है। श्री मोदी ने कहा कि पिछले दो वर्षों का हमारा अनुभव है कि इस वैश्विक महामारी को परास्त करने के लिए एक नागरिक के तौर पर हमारा खुद का प्रयास बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी सामूहिक शक्ति ही कोरोना को परास्त करेगी, इसी दायित्वबोध के साथ हमें 2022 में प्रवेश करना है।’’



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