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नेताजी तोड़ रहे थे लॉकडाउन पकड़े गये तो भड़क उठे

  • ठेकेदार सह नेता करा रहे थे मजदूरों से काम

  • फोटो खिंचने पर मीडिया को दी धमकी

नेताजी तोड़ रहे थे लॉकडाउन पकड़े गये तो भड़क उठेकथाराः नेताजी तोड़ रहे थे लॉकडाउन का नियम। वैसे वह ठेकेदार भी हैं और इस

प्रतिबंध के लागू होने के दौरान उन्होंने रेलवे कॉलोनी में अपना काम चालू रखा था।

कथारा ओपी अन्तर्गत कथारा रेलवे कॉलोनी में स्थित प्राथमिक विधालय में मरम्मती

व रंग रोगन का कार्य सीसीएल द्वारा करवाया जा रहा है जिसके अभिक्ता झामुमो के

नेता बताये जा रहे हैं। बताता चलूं कि देश में फैले महामारी की भयवह को देखते हुए

देश व्यापी लॉकडाउन पिछले तीन दिनो से चल रहा है। लॉकडाउन के नियमानुसार इस

दौरान किसी भी तरह के कार्य करवाना सख्त मना व दंडनीय है। मगर इसके बाद भी

उक्त विद्यालय में उस नेताजी द्वारा लगातार कार्य करवाया जा रहा था। शुक्रवार की

सुबह जब एक दैनिक अखबार के संवाददाता ने वहां पहुंच पूछताछ की तो सबसे पहले

वह तथाकथित नेताजी सह ठेकेदार उसे धमकाते हुए सबक सीखाने की धमकी दी

धमकी देने के बाद नेताजी तोड़ रहे कानून से अवगत होने की वजह से आनन फानन में

काम को बंद करवा कर चंपत हो गये। उन्होंने काम करने वाले मजदूरों को भी वहां से

भगा दिया। लेकिन तब तक नेताजी तोड़ रहे हैं की तस्वीर कैमरे में कैद हो चुकी थी।

अब सवाल उठता है कि जब सत्ताधारी पार्टी के नेता ही सरकार के आदेशो का पालन

नही करे तो उससे किसी तरह की जनता की भलाई की उम्मीद बेमाने लगती है।

बहरहाल पत्रकार ने अपना देश व समाज प्रेम तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया

कानून अब ऐसे लोगो पर क्या कार्रवाई करती है, यह समय बतायेगा।

नेताजी तोड़ रहे कानून तो ग्रामीणों का लॉकडॉउन

प्रारंभिक दिनों में आम चेतावनी की तरह इसे हल्के में लेने के बाद अब लोग इसके प्रति

गंभीर हुए हैं। इसकी गंभीरता लोगों को धीरे धीरे समझ में आने लगी है। इस क्रम में

कथारा बस्ती के ग्रामीणों ने गांव को इस प्रकोप से बचाने की सख्त पहल करते हुए गांव

आने जाने वाले मुख्य मार्ग को बांस लगा कर बंद कर यह संदेश लटका दिया कि ना

कोई गांव आ सकता है और ना ही कोई गांव से बाहर जा सकता है। ग्रामीणों का मानना

है कि अगर लोगो का गांव से आने जाने का सम्पर्क ही कट जायेगा तो इस वायरस के

खतरे से आसानी से गांववासी बच जायेगे। गांव के बुद्धिजीवियो ने पहले ही गांव में यह

घोषणा कर रखी है कि किसी भी आगंतुक को गांव में पनाह नही दिया जायेगा तथा

बाहर आने वाले सगे संबंधियों को तब तक गांव में नही घुसने दिया जायेगा जब तक वे

अपना जांच करवा गांववासियों को संतुष्ट नही कर देगे।

कुल मिलाकर कथारा बस्ती की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और अन्य

जगह के लोग इस मिशन से प्रभावित हो कर अपने अपने क्षेत्र में भी यही प्रचलन आरंभ

करने के मुड में दिख रहे हैं। चन्द लोग तो हमेशा से ही उदंडी प्रवृति के होते हैं जिनसे

पुलिस, प्रशासन निपटने में पूरी तरह सक्षम है।


 

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