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रविवार को सभी नये पुराने प्रत्याशियों से वर्चुअल बैठक करेंगे लालू

पटना : रविवार को यानी 9 मई का दिन बिहार के लिए खास है। चारा घोटाला में जमानत

पर जेल से लौटे राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की

राजनीति की धमक एक बार फिर से शुरु होने जा रही है। लालू यादव रविवार को राजद के

विधायक, पूर्व विधायक और विगत विधानसभा चुनाव में राजद के हारे हुए प्रत्याशियों से

वर्चुअल बैठक करने जा रहे हैं। इस संबंध में राजद ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से

ट्वीट कर जानकारी दी है। पार्टी ने ट्वीट कर लिखा, ” नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव

रविवार, 9 मई, दोपहर 2 बजे सभी विधायकों और विधानसभा चुनाव में हराए गए सभी

आरजेडी प्रत्याशियों के साथ वर्चुअल मीटिंग करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद विशेष

रूप से इस बैठक में उपस्थित रहेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद बिहार की

राजनीति करवट बदलने की संभावना भी हो सकती है। अभी बिहार विधानसभा की 243

सीटों में से प्रदेश में सत्ताधारी राजग ने 125 सीट मिली है। वहीं राजद के नेतृत्व वाले

विपक्षी महागठबंधन ने 110 सीट जीती हैं। बताते चलें कि बिहार में सत्ताधारी राजग में

शामिल भाजपा ने 74 सीटों पर, जदयू ने 43 सीटों पर, विकासशील इंसान पार्टी ने 4 सीटों

पर और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं विपक्षी महागठबंधन

में शामिल राजद ने 75 सीटों पर, कांग्रेस ने 19 सीटों पर, भाकपा माले ने 12 सीटों पर,

भाकपा एवं माकपा ने दो-दो सीटों पर जीत दर्ज की है। एक राजद नेता ने नाम नहीं छापने

की शर्त पर कहा कि एनडीए के कई विधायक भी राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्पर्क में है।

रविवार को संकेत मिलेगा कि राजनीति का ऊंट किस करवट

उसका कारण कि इस कोरोना काल में कोरोना प्रवंधन को लेकर सरकार की चहुंओर

जगहंसाई हो रही है। यानि कि वर्तमान एनडीए सरकार बैकफुट पर है। तेजस्वी यादव

लम्बे समय से सरकार पर हमलावर है। बतातें चले कि 3 साल से भी अधिक समय तक

सजा काटने के बाद रिहा होकर दिल्ली में अपनी बेटी राज्यसभा सांसद मीसा भारती के

आवास पर हैं। लालू प्रसाद यादव के वर्चुअल मिटिंग के कारण कार्यकर्ताओं में खासा

उत्साह भी देखा जा रहा है। इस सबके अलावे अन्य दलों में भी कानाफूसी का दौर जारी है।

इधर इस वर्चुअल बैठक को लेकर एनडीए नेताओं का विरोध भी शुरु हो गया है। पूर्व

मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने ट्वीट कर इसका विरोध किया है। मांझी ने ट्वीट कर कहा

कि कितना भी वर्चुअल मिटिंग कर लीजिए,अब सबको पता लग गया है कि बुरे वक़्त में

आप अपनों का साथ छोड़ देतें हैं। साहब के साथ जो आपने किया उसे कभी भुलाया नहीं

जा सकता। सब याद रखा जाएगा, सब कुछ याद रखा जाएगा।

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