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लैब टेक्निशियनों ने दिया वरीय अधिकारियों को सीधा जवाब

  • भूखे भजन न होय गोपाला
  • संवाददाता

रांचीः लैब टेक्निशियनों का उत्तर जिला प्रशासन को हैरान कर गया है। वैसे इन

प्रयोगशाला सहायकों ने कहा है कि कोरोना की जांच में वह ऐसी विकट परिस्थितियों में

खतरा उठाकर काम नहीं कर सकते हैं। दरअसल स्थानीय गुरुनानक स्कूल में कोरोना की

जांच के लिए बने प्रयोगशाला में इन लैब टेक्निशियनों के देर से पहुंचने की वजह से यह

विवाद उत्पन्न हुआ था। इन लोगों को विलंब से आने की वजह से कारण बताओ नोटिस

जारी किया गया था।

 लैब टेक्निशियनों ने उसी कारण बताओ नोटिस का जबाव दिया है

इस कारण बताओ नोटिस के उत्तर में इनलोगों ने साफ साफ कहा है कि वे खाली पेट इस

कोरोना जांच का यह खतरा नहीं उठा सकते हैं। उन्हें सुबह सात बजे गुरुनानक स्कूल में

रिपोर्ट करना था। लेकिन वे नियमित तौर पर देर से आ रहे थे। इससे वहां जांच का काम

भी देर से प्रारंभ हो रहा था। इसी कारण वहां कार्यरत दस लैब सहायकों को यह कारण

बताओ नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के जबाव में इनलोगों ने साफ साफ कहा

है कि वे इतनी जल्दी घर से भोजन कर नहीं आ सकते हैं। साथ ही यह भी जानकारी दी है

कि खाली पेट लगातार दस घंटे तक इस कोरोना की जांच में रहना भी खतरे से खाली नहीं

है। उनकी शिकायत है कि जांच केंद्र यानी गुरुनानक स्कूल में भी उनके लिए भोजन का

समुचित प्रबंध नहीं है। उनकी शिकायत है कि जांच केंद्र में उन्हें चार पूड़ी और थोड़ी सी

सब्जी मिलती है। इसके मिलने का भी कोई निश्चित समय नहीं होता है। इसलिए पिछले

शनिवार को ही वे अपने अपने घरों से भोजन कर देर से पहुंचे थे। इस किस्म का पत्र

मिलने के बाद अब ऊपर के अफसर भी इस मामले को अधिक तूल देना नहीं चाहते। उनके

हिसाब से शो कॉज का उत्तर मिल चुका है। वे इनलोगों के जवाब से संतुष्ट हैं।

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