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ला पाल्मा ज्वालामुखी के ऊपर अजीब किस्म से धुएं का छल्ला




निशानेबाजी का टार्गेट के जैसा धुआं ऊपर उठा
अंतरिक्ष से देखा गया है इस नजारे को
पहली बार ऐसे किसी घटना पर नजर

ला पाल्माः ला पाल्मा ज्वालामुखी के ऊपर अजीब किस्म के धुएं का एक छल्ला सैटेलाइट से रिकार्ड किया गया है। देखने में यह धुआं बूल्स आई यानी तीरंदाजी में इस्तेमाल होने वाले किसी टार्गेट की तरह है, जिसमें केंद्र के बाहर थोड़ी थोड़ी दूरी पर घेरा बने होते हैं। गत 19 सितंबर से ज्वालामुखी विस्फोट प्रारंभ होने के बाद पहली बार इस किस्म के दृश्य को रिकार्ड किया गया है।




वैसे बता दें कि इस विस्फोट की वजह से छह हजार से अधिक लोगों को अपना घर छोड़कर अन्यत्र चला जाना पड़ा है। उनमें से अधिकांश ऐसे हैं, जो अपने राख हो चुके घर में अपनी जीवन भर की कमाई भी छोड़ आने को मजबूर हुए हैं।

दूसरी तरफ इस द्वीप को कृषि कार्य का मूल आधार भी नष्ट हो गया है। ज्वालामुखी के लावा की वजह से वहां के केला की खेती भी राख हो चुकी है। यही केला की खेती यहां के कृषि का मुख्य आधार रह है। लावा का प्रवाह अब थोड़ा सुस्त पड़ने के बाद भी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

ला पाल्मा ज्वालामुखी पर हर समय से नजर

दूसरी तरफ लगातार लावा प्रवाह की वजह से यह गर्म लावा अब अटलांटिक समुद्र तक जा पहुंचा है। वहां पर लावा पानी के संपर्क में आकर ठोस हो रहा है, जिससे नया इलाका बनता जा रहा है।




इस ज्वालामुखी में पचास साल के बाद फिर से विस्फोट होने की वजह से वैज्ञानिक इस पर हर संभव तरीके से नजर रख रहे हैं। इसी नजरदारी के दौरान उसके ऊपर अजीब किस्म का धुआं नजर आया है।

अंतरिक्ष से ला पाल्मा ज्वालामुखी को देखते हुए इस दृश्य को देखकर अब वैज्ञानिक इसके कारणों को समझना चाह रहे हैं। आम तौर पर किसी भी स्थान पर आग से बनने वाले धुआं में ऐसा आकार नहीं बनता है।

नासा की विशेष पर्यवेक्षण केंद्र ने इसे सैटेलाइट के जरिए देखा है और सार्वजनिक भी किया है। इस बुल्स आई जैसे आकार को इसलिए भी अजीब माना जा रहा है क्योंकि आम तौर पर गर्म धुआं ऊपर उठने के बाद सीधे ऊपर की तरफ बढ़ता जाता है।

यह वायुमंडल के स्ट्रेटोस्फेयर तक जाता है जो करीब 4 से 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर है। ला पाल्मा में अब जो दृश्य दिखा है वह आम तौर पर नहीं होता है, इसी वजह से वैज्ञानिकों की रूचि इसे समझने में अधिक है।



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