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शीशे के बक्से के अंदर से कोविड पीड़ित राष्ट्रपति ने शपथ दिलायी




प्रागः शीशे के बक्से के अंदर वह भी एक व्हील चेयर पर बैठकर चेकोस्लोवाकिया के राष्ट्रपति आये थे। दरअसल कोरोना संक्रमित होने की वजह से ऐसा किया गया था। इसी शीशे के बक्से के अंदर से उन्होंने देश के नये प्रधानमंत्री को शपथ दिलाने का काम पूरा किया। 77 वर्षीय राष्ट्रपति मिलोस जेमेन के लिए यह संवैधानिक काम पूरा करना जरूरी थी।




इसी वजह से कोरोना संक्रमित राष्ट्रपति को स्वास्थ्यकर्मी इस तरीके से व्हील चेयर पर लेकर वहां आये थे। संक्रमण से बचाव के लिए उन्हें एक शीशे के बक्से से अंदर रखा गया था। उनके साथ आये सारे स्वास्थ्य और सुरक्षाकर्मी भी पीपीई किट पहने हुए थे। पिछले सप्ताह कोरोना संक्रमित पाये जाने के बाद राष्ट्रपति ने खुद को दूसरों से अलग कर रखा है।

पिछले शनिवार को उन्हें स्थानीय सैनिक अस्पताल से छोड़ दिया गया है लेकिन अस्पताल में वह क्यों दाखिल हुए थे, यह अब तक स्पष्ट नहीं किया गया है। दूसरी तरफ संवैधानिक प्रक्रिया के तहत देश के नये प्रधानमंत्री को शपथ दिलाया जाना भी जरूरी थी। इसी वजह से शीशे का बक्से को खास तौर पर इस प्रक्रिया के लिए तैयार किया गया था।




चेकोस्लोवाकिया में पांच दलों के गठबंधन ने आंद्रेज बाबीज के दल को परास्त कर दिया है। इसके बाद ही नये प्रधानमंत्री को शपथ दिलाने की आवश्यकता पड़ी थी। इसके पूर्व बाबीज ही इस देश के प्रधानमंत्री हुआ करते थे। बाबीज के परास्त होने के अगले ही दिन राष्ट्रपति को अस्पताल ले जाया गया था, जहां वह एक माह से ईलाज करा रहे थे।

शीशे के बक्से के पीछे थे पीपीई किट पहले कर्मचारी

दूसरी तरफ पांच विरोधी दलों के नेता चुने गये पीटर फियाला को लेकर पहले की सरकार में कई किस्म की चर्चाएं थी। अपने विवादित बयानों की वजह से भी फियाला पहले से ही विवादों से घिर रहे हैं लेकिन पांच दलों के गठबंधन ने उन्हें ही अपना नेता चुना है।

लिहाजा नये प्रधानमंत्री के तौर पर उनका शपथ ग्रहण जरूरी था। बीमार और कथित तौर पर कोरोना पीड़ित राष्ट्रपति ने इसी वजह से एक शीशे के बक्से के अंदर से उन्हें प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाने का यह संवैधानिक कार्य पूरा किया है। 



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