Press "Enter" to skip to content

अपहृत तेल कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी अपनी सरकार से गुहार लगायी

  • उल्फा ने तेल कंपनी से फिरौती के 20 करोड़ मांगे

  • 20 दिसंबर को हुआ था दोनों का अपहरण

  • हथियारबंद लोग उन्हें उठाकर साथ ले गये

  • एक अपहृत बिहार का रहने वाला है

ब्यूरो प्रमुख

गुवाहाटी: अपहृत तेल कंपनी के कर्मचारी अब अपनी अपनी राज्य सरकार से गुहार लगा

रहे हैं। गत 20 दिसंबर 2020 में अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में बंदूकधारी उल्फा

और एनएससीएन ने तेल कंपनी में काम करने वाले दो कर्मचारियों का अपहरण कर लिया

था । उल्फा-इंडिपेंडेंट ने अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में कुमचिखा हाइड्रोकार्बन

ड्रिलिंग साइट से अपहरण किए गए निजी तेल कंपनी – क्विपो ऑयल एंड गैस

इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के दो अपहृत कर्मचारियों के वीडियो जारी किए हैं। वीडियो म्यांमार

के अंदर एक अज्ञात स्थान से भेजे जा रहे हैं।

वीडियो में देखिये क्या कह रहे हैं दो अपहृत लोग

अगवा किए गए दोनों व्यक्तियों – रेडियो ऑपरेटर राम कुमार (35) और ड्रिलिंग

सुपरिटेंडेंट प्रणब कुमार गोगोई (51) को उल्फा-इंडिपेंडेंट और एनएससीएन द्वारा लगभग

एक महीने से बंदी बनाकर रखा गया है। उल्फा-इंडिपेंडेंट द्वारा जारी किए गए दो वीडियो

में, दो अपहृत तेल कर्मचारियों को उनके सुरक्षित लौटने की व्यवस्था करने के लिए बिहार

और असम के संबंधित राज्य सरकारों से विनती करते हुए देखा जा रहा है। बिहार के रहने

वाले राम कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के

साथ मामला उठाने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। राम

कुमार ने अपने वीडियो संदेश में कहा, “मैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध

करना चाहूंगा कि वे मेरी सुरक्षित वापसी के लिए असम के मुख्यमंत्री से बात करें। दूसरी

ओर, असम के रहने वाले प्रणब कुमार गोगोई ने कहा: “खुद असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद

सोनोवाल होने के नाते मुझे अपने सुरक्षित घर लौटने की व्यवस्था करनी चाहिए। कथित

तौर पर संगठन ने तेल कंपनी से 20 करोड़ की मांग की है।

अपहृत तेल कंपनी के इन दोनों को हथियार के बल पर उठाया गया

अपनी कंपनी की साइट पर काम करने वाले इन दोनों को अचानक ही वहां आ धमके कई

हथियारबंद लोगों ने घेर लिया था। हथियार के बल पर वे इन दोनों को अपने साथ ले गये

हैं। अब उनका वीडियो संदेश जारी होने के बाद भी यह पता नहीं चल पाया है कि

उग्रवादियों ने आखिर उन्हें कहां छिपाकर रखा है। वीडियो देखकर यह समझा जा सकता है

कि यह किसी जंगल का इलाका है। लेकिन अब तक इसके बारे में पक्की जानकारी नहीं

मिल पायी है।

Spread the love
More from HomeMore posts in Home »
More from अरुणाचल प्रदेशMore posts in अरुणाचल प्रदेश »
More from आतंकवादMore posts in आतंकवाद »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from म्यांमारMore posts in म्यांमार »
More from रक्षाMore posts in रक्षा »
More from वीडियोMore posts in वीडियो »

Be First to Comment

... ... ...
error: Content is protected !!