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बाढ़ और कोरोना का दोहरा आतंक झेल रहे असम को केजरीवाल का भरोसा




  • काजीरंगा में 120 जानवर बाढ़ से मारे गए

  • राज्य में अब तक दो सौ से अधिक की मौत

  • पड़ोसी राज्यों में भी फिर से भीषण वर्षा की चेतावनी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : बाढ़ और कोरोना का दोहरा आतंक झेलते असम के लोगों को पूर्व प्रधानमंत्री




एच डी देवगौड़ा के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का समर्थन प्राप्त हुआ है।

राज्य में तेजी से सामने आ रहे कोविड-19 के मामलों ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

दरअसल बीते केवल सात दिनों में राज्य में कोरोना वायरस से संक्रमण के 21,218 नए

मामले सामने आए हैं। इस तरह शनिवार सुबह क़रीब 7 बजे तक असम में कोविड-19

मरीजों की कुल संख्या 21,864 हो गई है

तथा 51 लोगों की मौत हो गई। वहीं, असम तथा इसके पड़ोसी राज्य मेघालय और

अरुणाचल प्रदेश में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश से कई इलाकों में बाढ़

आ गई हैं। नदियों का जल स्तर बढ़ने के कारण अमस के कई इलाके जलमग्न हो गए है।

मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटे फिर से भारी बारिश का आलर्ट जारी किया है। भारी

बारिश के बाद असम के नागांव इलाके में ब्रह्मपुत्र नदी का पानी घुसने के बाद सड़क टूट

गई।

इस बाढ़ की चपेट में राज्य के 86092 गांवों के 55 लाख लोग तो हैं ही। जानवर भी प्रकृति

के कहर का शिकार हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में आई

बाढ़ से अबतक 120 जंगली-जानवरों की मौत हो चुकी है। मरने वाले जानवरों में 5 गैंडे भी

शामिल हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क के अधिकारियों के मुताबिक पार्क का 95 फीसदी

इलाका अभी पानी में डूबा हुआ है। अधिक प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की टीमें भी

लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। कुल मिलाकर देश के पूर्वोत्तर का इलाका इस

वक्त बाढ़ और कोरोना के संकट से जूझ रहा है।

बाढ़ और कोरोना के बीच बाघ भी बकरियों के बीच रूका रहा

अनेक लोग इन बाढ़ प्रभावित इलाके में फंसे हुए हैं, जिन्हें रेस्क्यू करके निकाला जा रहा है




और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। पिछले दिनों बाढ़ प्रभावित वन्य इलाके से एक

बाघ के भागने की खबर आई थी जो कि बकरियों के बाड़े में छिप गया था और रात भर

उसने बकरियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था । असम के होजई, धेमाजी, लखीमपुर,

विश्वनाथ, सोनितपुर, उदालगुड़ी, दरांग, बक्सा, नलबाड़ी, बारपेटा, चिरांग, बोंगाईगांव,

कोकराझार, धुबरी, दक्षिण सालमाड़ा, गोलपाड़ा, कामरूप, मोरीगांव, कामरूप महानगर

आदि में पानी घुस गया है ।

काजीरंगा अभयारण्य के 170 जानवरों को बचाया

काजीरंगा पार्क के निदेशक, पी शिवकुमार ने कहा, ‘अब तक, 120 जानवरों की मौत हो

चुकी है और 170 जानवरों को अब तक बचाया गया है।बाढ़ जैसी स्थिति में जानवरों के

लिए बहुत भारी संकट पैदा हो जाता है। जानवरों के लिए भी कई तरह के अभियान चलाए

जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल असम में हालात को ठीक होने में समय लगेगा । वन विभाग

की रिपोर्ट के अनुसार, इस बाढ़ के मौसम में 125 जानवरों को बचाया गया है। असम में ही,

अब तक, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अब तक 12,55,102 बड़े

जानवर, 6,52,552 छोटे जानवर और 12,40,479 मुर्गी प्रभावित हैं। जैसे, बाढ़ से जानवरों

के पीड़ित होने का जोखिम कई गुना बढ़ गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों

को पूर्ण एकजुटता और समर्थन की पेशकश की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

ने सहायता का आश्वासन दिया और कहा कि “मेरा दिल असम में विनाशकारी बाढ़ से

प्रभावित सभी लोगों के लिए जाता है। दिल्ली के लोगों की ओर से, मैं असम के लोगों को

पूरी एकजुटता और समर्थन प्रदान करता हूं।

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