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कश्मीर घाटी का संपर्क पथ पर यातायात फिर से बहाल

श्रीनगरः कश्मीर घाटी का देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले 270 किलोमीटर लंबा

श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण लगातार दो दिन तक बंद रहने के

बाद गुरुवार को एकतरफा यातायात के लिये खोल दिया गया। एक यातायात अधिकारी ने

यूनीवार्ता को बताया कि उन्होंने आज सुबह श्रीनगर से जम्मू के यातायात को अनुमति दे

दी है लेकिन वाहनों को 12 बजे से पहले काजीगुंड पार करना होगा। इस समय सीमा के

बाद किसी भी वाहन को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगला

आदेश मिलने तक राजमार्ग पर केवल एकतरफा यातायात ही जारी रहेगा।

कश्मीर घाटी का हाल यह है कि अगले 48 घंटों में बारिश और हिमपात के भी आसार हैं।

रामबन के पीडाह इलाके में भूस्खलन और चट्टानों के गिरने से राजमार्ग पर यातायात

मंगलवार सुबह दस बजे बंद कर दिया गया था। अधिकारी ने बताया कि राजमार्ग की

देखरेख के लिए जिम्मेदार भारतीय राष्ट्रीय राज्य मार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने तुरंत

ही मौके पर पहुंच कर अत्याधुनिक मशीनों और कर्मचारियों को सड़क से मलबा हटाने के

काम में लगा दिया। यात्री और जरूरी समान लिये सैकड़ों वाहन बुधवार को राजमार्ग पर

विभिन्न जगहों पर फंसे रहे जिन्हें आज अपने-अपने गंतव्य की ओर जाने की अनुमति दी

गई।

कश्मीर घाटी का ऊपरी इलाका अब भी बर्फवारी की चपेट में

दक्षिणी क्षेत्र में शोपियां को जम्मू क्षेत्र में राजौरी और पुंछ से जोड़ने वाला ऐतिहासिक

मुगल रोड पिछले दो महीने से बंद है। श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग का विकल्प मानी जाने

वाली इस सड़क को खुलने में अभी दो महीने और लगेंगे। सड़क पर बर्फ जमा होने के

कारण अनंतनाग-किश्तवार मार्ग भी पिछले दो महीने से बंद है। कश्मीर घाटी से ऊपर के

इलाकों पर अब भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है। कुछेक इलाको में अब भी

निरंतर बर्फवारी होने की वजह से रास्ता साफ करने का कोई प्रयास भी नहीं हो रहा है। इन

इलाकों में भारतीय सेना वायु मार्ग से अपना संपर्क कायम किये हुए हैं।


 

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