कर्णपुरा क्षेत्र बना नो एंट्री जोन, जनता खुश पर कारोबारी परेशान

कर्णपुरा क्षेत्र बना नो एंट्री जोन
  • देश के पावर प्लांटों में समय पर कोयला नहीं

  • बिजली उत्पादन पर पड़ा है व्यापक असर

  • आम आदमी को मिली है राहत

  • फाइनेंस के करोड़ों रुपए फंसे हैं वाहन में

अशोक कुमार शर्मा/ इंद्रजीत कुमार गिरी



बड़कागांवः कर्णपुरा इलाका अब नो एंट्री जोन में तब्दील हो रहा है।

इन नो एंट्री का खामियजा यहां के ग्रामीण दूसरे तरीके से भोग रहे हैं।

आम लोगों को सुविधा होने के बाद भी इससे कारोबार प्रभावित होने लगा है।

बड़कागांव टंडवा सिमरिया में लगता है 12 घंटे नो एंट्री जबकि केरेडारी प्रखंड मुख्यालय चौक पर लगता है 18 घंटो की नो एंट्री।

चतरा जिला में आम्रपाली एवं मगध एशिया का सबसे बड़ी कोल माइंस खुल गई

आम्रपाली एवं मगध से सीसीएल प्रबंधन को अरबों का मुनाफा कमा चुकी है।

ट्रांसपोर्टिंग रोड नहीं होने से ट्रक हाईवे मालिक दिवालिया होने के कगार पर हैं।

आम्रपाली एवं मगध से रोड सेल का कोयला ट्रक एवं हवाई द्वारा विभिन्न रेलवे साइडिंग में सप्लाई होता है ।

जिससे देश के पावर प्लांट में कोयला का अभाव होता जा रहा है ।

कोयला समय पर नहीं पहुंचने से पावर प्लांट में बिजली उत्पादन पर गहरा असर पड़ा है ।

विगत दिनों पूर्व डीवीसी द्वारा यह जानकारी दिया जा चुका है कि

कोयला के अभाव में बिजली उत्पादन पर असर पड़ा है ।

जिस कारण हजारीबाग जिला में बिजली सप्लाई में कटौती हो रही है

वही आम्रपाली एवं मगध में कोयला के डी वो होल्डर, ठेकेदार बी के बी , जीवीके, हिंडालको, आधुनिक, जिंदल, जैसे ख्याति प्राप्त कंपनियों का कोयला लैप्स  कर जा रहा है।

कर्णपुरा की नो एंट्री से हर माह करोड़ों का घाटा

परिणाम स्वरुप कंपनियों का प्रति महीना करोड़ों का चूना लग रहा है।

ट्रक-हाइवा मालिक जो आम्रपाली एवं मगध कोल माइंस

खुलने से जगह जमीन बेचकर एवं कर्ज लेकर खरीदे थे।

उन वाहन मालिकों द्वारा बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों का

किस्त नहीं देने के कारण गाड़ियां खींचा जा रही है ।

बैंक फाइनेंस कंपनियों को लाखों रुपए का नुकसान सहना पड़ रहा है।

इससे कर्ज में डूबे लोग आर्थिक एवं मानसिक रूप से अवसाद ग्रस्त हो रहे हैं ।

आम्रपाली एवं मगध कोल माइंस से रोड सेल का कोयल ट्रांसपोर्टिंग का

मुख्य रास्ता आम्रपाली बड़कागांव हजारीबाग दूसरा आम्रपाली टंडवा सिमरिया बालूमाथ है।

उक्त सड़कों पर 12 घंटा का नो एंट्री संबंधित जिला के प्रशासन द्वारा लगाया गया है।

वही आम्रपाली टंडवा हजारीबाग मुख्य मार्ग में केरेडारी प्रखंड मुख्यालय चौक पर

सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक अर्थात 18 घंटे एवं बड़कागांव में सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक 12 घंटा लगता है।

नौ एंट्री के मुद्दे पर हाईवा वाहन।

एसोसिएशन पकरी बरवाडीह , हाईवा मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन,

एवं ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, प्रह्लाद कुमार

महावीर प्रसाद गुप्ता, मुकेश कुमार चौरसिया, कामाख्या प्रसाद सिंह,

ने संयुक्त रुप से बताया कि हजारीबाग टंडवा एवं टंडवा सिमरिया मुख्य मार्ग पर

नो एंट्री समय में अगर संशोधन नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।

जिसका परिणाम सीसीएल प्रबंधन पर पड़ेगा ।

आम्रपाली एवं तदमगध कोल माइंस से कोयला प्रेषण का कार्य हड़ताल आहूत कर यथाशीघ्र बंद किया जाएगा।

कर्णपुरा की नो एंट्री पर प्रशासन से मिलेंगे वाहन मालिक

कर्णपुरा क्षेत्र बना नो एंट्री जोनवही नो एंट्री का समय अर्थात केरेडारी में नो एंट्री 12 से 18 घंटे बढ़ाने के मुद्दे पर

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशासन के द्वारा कोई ठोस जानकारी नहीं दी जा रहीहै।

बड़कागांव मुख्य चौक जाम की समस्या पर वाहन मालिकों ने बताया कि मुख्य मार्ग को अतिक्रमण करने के वजह से सड़क जाम की समस्या उत्पन्न होती है।

स्थानीय प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण ना हटाकर नो एंट्री लगा दिया जा रहा है ।

नो एंट्री के मुद्दे पर बड़कागांव ,केरेडारी, टंडवा, सिमरिया के बालूमाथ के वाहन मालिक हजारीबाग जिला एवं चतरा जिला तथा लातेहार जिला के जिला प्रशासन से मिलकर नो एंट्री के समय में संशोधन की मांग करने का विचार बनाए हैं।



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