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कानपुर में आठ पुलिसवालों को मारने वाला विकास दुबे भी मारा गया

  • कानपुर लाते वक्त कानपुर के करीब ही हुई मुठभेड़

  • हमले में शामिल छह लोग अब तक मारे जा चुके

  • उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार हुआ था

कानपुरः कानपुर में आठ पुलिसवालों की हत्या का मुख्य अभियुक्त विकास दुबे भी अंततः

पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। उसकी मौत के बारे में भी पुलिस ने वही तर्क दिये हैं, जो आम

तौर पर ऐसे मौकों पर दिये जाते हैं। याद रहे कि विकास के कई अन्य साथी भी इस दौर में

पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं।

वीडियो में समझिये इस घटनाक्रम को

घटना के बारे में अब तक जो जानकारी आयी है वह पूरी तरह कई हिंदी फिल्मों की तर्ज पर

प्रतीत होता है। बताया गया है कि उत्तर प्रदेश एसटीएफ की गाड़ी विकास को लेकर

कानपुर आ रही थी। स्पीड तेज थी। बारिश होने से रोड पर फिसलन थी। पुलिस के

मुताबिक, बर्रा के पास अचानक रास्ते‍ में गाड़ी पलट गई। इस हादसे में विकास दुबे और

एक सिपाही को भी चोटें आईं।

इसके बावजूद विकास की नजरें पुलिस के चंगुल से बचकर भागने पर थी। उसने मौका

पाकर एसटीएफ के एक अधिकारी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। इसी के

बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। एसटीएफ ने विकास से हथियार रखकर सरेंडर करने को कहा।

वह इसके बावजूद नहीं माना तो पुलिस को मजबूरन एनकाउंटर करना पड़ा।

कानपुर में आठ पुलिसवालों को नक्सली अंदाज में मारा था

इसके पहले कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर

से गिरफ्तार किया गया था। मीडिया को देखते ही पकड़े गये अपराधी ने खुद को विकास

दुबे बता दिया था। वहां काफी समय तक कई मुद्दों पर पूछताछ के बाद उसे उत्तर प्रदेश

एसटीएफ के हाथों सौंपा गया था। कानपुर लाते वक्त रास्ते में ही फिर से यह मुठभेड़ की

खबर दी गयी है।

याद रहे कि इससे पहले विकास दुबे का एक और करीबी प्रभात मिश्रा भी मारा गया है।

प्रभात को पुलिस ने बुधवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट

रिमांड पर कानपुर ले जा रही थी। रास्ते में प्रभात ने भागने की कोशिश की, उसने पुलिस

की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रभात मारा गया।

दूसरी ओर विकास दुबे गैंग के ही बऊआ दुबे उर्फ प्रवीण को पुलिस ने इटावा में मार

गिराया। दोनों बदमाश 2 जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या में

शामिल थे।

अपराधी के मददगार थे थाना के पुलिस अधिकारी

चौबेपुर थाने के एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा को भी बुधवार को गिरफ्तार

कर लिया गया। कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि तिवारी और शर्मा 2

जुलाई को बिकरु गांव में मौजूद थे, लेकिन, शूटआउट शुरू होते ही भाग गए थे। एसएसपी

दिनेश प्रभु ने बताया कि विनय तिवारी और केके शर्मा ने विकास दुबे को जानकारी दी थी

कि पुलिस की रेड पड़ने वाली है।


 


 

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