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कांके के विधायक समरी लाल के निर्वाचन को चुनौती की याचिका पर सुनवाई

रांची: कांके के विधायक औऱ भाजपा नेता समरी लाल को झारखंड हाईकोर्ट ने नोटिस

जारी किया है। हाईकोर्ट ने नोटिस उनके खिलाफ दायर एक याचिका की सुनवाई के बाद

जारी किया। कांके विधायक समरी लाल के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में एक

याचिका दाखिल की गई थी। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नोटिस

जारी कर विधायक को 8 सप्ताह में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। जानकारी के

अनुसार, प्रार्थी प्रिय रंजन सहाय ने भाजपा के उम्मीदवार समरीलाल के जाति प्रमाणपत्र

को चुनौती देते हुए उनके नामांकन को रद्द करने की मांग की थी।कांके से भाजपा के

उम्मीदवार समरी लाल के नामांकन को रद्द करने की मांग की गयी थी। इसे लेकर

पिठोरिया के हेठकोंकी के दिनेश रजक ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखा था।

साथ ही देश के चुनाव आयुक्त और झारखंड के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी पत्र लिखा

था।उन्होंने कहा कि इस विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जहां

केवल झारखंड के मूल निवासी अनुसूचित जाति के उम्मीदवार को ही चुनाव लड़ने का

अधिकार है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि समरी लाल मुख्य रूप से राजस्थान के

निवासी हैं और भाजपा के उम्मीदवार के रूप में कांके से नॉमिनेशन पत्र दाखिल किया हैं,

जो बिल्कुल गैरकानूनी है।

कांके के विधायक पद पर भाजपा ने प्रत्याशी बदला है

झारखंड विधानसभा चुनाव में इस विधानसभा के वर्तमान विधायक डॉ जीतुचरण राम का

टिकट काटकर समरी लाल को उम्मीदवार बनाया गया था। टिकट मिलने के बाद से ही

समरी लाल के नामांकन और स्थानीयता को लेकर सवाल खड़ा किये जा रहे थे। चुनाव में

बाद समरी लाल ने विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल किया था। इसके पहले वह काफी

समय से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे थे। आपातकाल के दौरान समरी लाल जयप्रकाश

आंदोलन से भी सक्रिय तौर पर जुड़े हुए थे।


 

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