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जेपीएससी नियुक्ति घोटाला की याचिकाओं की एक साथ होगी सुनवाई


संवाददाता

रांची: जेपीएससी के द्वारा लेक्चरर नियुक्ति घोटाला मामले के आरोपियों की अग्रिम

जमानत याचिका पर हाइकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। हाइकोर्ट ने इस मामले से जुड़े

सभी अभियुक्तों की अग्रिम जमानत को एकीकृत करने का निर्देश दिया है। इन मामलों

की एक साथ ही सुनवाई होगी। वर्ष 2008 में 59 लेक्चरर की नियुक्ति के दौरान

अनियमितता का आरोप लगा था। जेपीएससी के माध्यम से 2008 में लेक्चरर नियुक्ति

में घोटाला हुआ था। तब जेपीएससी ने 745 लेक्चरर की बहाली के लिए जेट परीक्षा का

आयोजन किया था। पहली बार जब परिणाम निकला तो पैरवीवाले करीब 100 अभ्यर्थी

सफल नहीं हुए। इसके बाद जेपीएससी ने दोबारा रिजल्ट निकाला। उनके अंक बढ़ा दिये

गये और सफल घोषित कर दिया गया। जांच में इसका खुलासा हुआ है। इस परीक्षा में बड़े

स्तर पर धांधली की शिकायत सामने आने के बाद इस परीक्षा की जांच सीबीआई से कराने

की अनुशंसा की गयी थी। अब खुलासा भी हो गया है कि गलत तरीके से नंबर बढ़वा कर

कई आवेदकों ने नौकरी ली है।

जेपीएससी में गलत तरीके से नंबर बढ़वाकर ली गई नौकरी

ऐसे लेक्चरर कॉलेज विश्वविद्यालयों में योगदान दे चुके थे और वेतन का लाभ भी उठा

रहे थे। बता दें कि सीबीआई ने 30 सितंबर 2019 को जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप

प्रसाद, तत्कालीन सदस्य राधा गोविंद नागेश, गोपाल प्रसाद सिंह, शांति देवी, तत्कालीन

परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी सिंह, धीरज कुमार समेत 69 आरोपियों के खिलाफ

चार्जशीट दाखिल की। इनमें 59 लेक्चरर शामिल थे। यह नियुक्ति घोटाला 2008 में हुआ

था। जेपीएससी ने 745 लेक्चरर पद के लिए जेट परीक्षा आयोजित की थी। इसमें बड़े

पैमाने पर पैरवी हुई। कॉपी पर ओवरराइट कर अंक बढ़ा कर व्याख्याता बनाया गया।


 

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