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असम में फिर नौकरी घोटाला, कुल 49 लोग को गिरफ्तार




फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने का आरोप

36 टेट शिक्षकों और एपीडीसीएल में कैश-फॉर-जॉब घोटाले में 13 गिरफ्तार

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : असम में फिर से फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले 36 शिक्षकों के खिलाफ




बड़ा घोटाला मामला सामने आया है। इसके साथ साथ असम के मुख्यमंत्री विशेष सतर्कता प्रकोष्ठ

ने असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ( एपीडीसीएल) में पैसे देकर नौकरी लगाने का मामला

13 सामने आया है। असम पुलिस सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने आज कहा कि फर्जी प्रमाण पत्र

के आधार पर नौकरी पाने का आरोप में 36 टेट शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है।सीआईडी के

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले में शिकायत आने के बाद

सीआईडी असम को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। सीएम को मिली शिकायत में कहा गया

था कि शिक्षकों ने बीटीआर में नौकरी पाने के लिए शिक्षा निदेशक, कोकराझार को फर्जी टीईटी

प्रमाण पत्र जमा किए थे। फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ

मामला दर्ज किया गया है। असम पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने बोडोलैंड

प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) में फर्जी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी

पाने वाले 36 शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन शिक्षकों के खिलाफ धारा 120 (बी)

(आपराधिक साजिश) 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और

471 आईपीसी (जाली दस्तावेज जमा करना) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस विभाग द्वारा

जारी एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले में शिकायत आने

के बाद सीआईडी असम को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।

असम में फिर से इस मामले की जांच का निर्देश सीएम का था

सीएम को मिली शिकायत में कहा गया था कि शिक्षकों ने बीटीआर में नौकरी पाने के लिए शिक्षा




निदेशक, कोकराझार को फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र जमा किए थे। बयान में आगे कहा गया है कि

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मामले की जांच की गई और आरोप सही पाया गया। इसके बाद मामले

की जांच के लिए सीआईडी का एक विशेष जांच दल गठित किया गया था। गौरतलब है कि सरकारी

स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी प्रमाणपत्र अनिवार्य है। बयान में कहा गया है कि कई

आरोपियों को पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए असम के विभिन्न जिलों से सीआईडी

मुख्यालय लाया गया है। अब तक की गई जांच से पता चला है कि फर्जी टीईटी प्रमाण पत्र प्रस्तुत

किए गए थे, जैसे कि आरोपी ने परीक्षा में असफल होने के बावजूद योग्यता दिखाई, कुछ मामलों में

फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के लिए नकली रोल नंबर का उपयोग किया गया, और कुछ अन्य मामलों में

असफल उम्मीदवारों द्वारा सफल उम्मीदवारों के रोल नंबर का दुरुपयोग किया गया। दूसरी

ओर,असम के मुख्यमंत्री विशेष सतर्कता प्रकोष्ठ ने असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड

(एपीडीसीएल) में पैसे देकर नौकरी लगाने का मामला सामने आया है। नौकरी के बदले पैसे घोटाले

में शामिल होने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया है।

मुख्यमंत्री खुद कर रहे हैं जांच की निगरानी

मुख्यमंत्री के विशेष सतर्कता प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने गुवाहाटी शहर के चार इलाकों में तलाशी

अभियान चलाया और मामले के संबंध में कम से कम 13 लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने

कहा कि तीन लोगों को जालुकबाड़ी इलाके से, चार को वशिष्ठ इलाके से, एक को चांदमारी इलाके से

गिरफ्तार किया गया है। और दो व्यक्तियों को शहर के दिसपुर क्षेत्र से उठाया गया। गिरफ्तार किए

गए दस लोगों में एपीडीसीएल के ओएसडी दीपांकर ढिंगिया भी शामिल हैं। दीपांकर 2006 से

एपीडीसीएल में विशेष ड्यूटी पर एक अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।



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