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झारखंड के सरकारी अस्पतालों में अब भी चाइनिज पीपीई किट

  • सदर अस्पताल में मिला चीनी उत्पाद का नमूना

  • असम ने सबसे पहले आयात करने के बाद रोका

  • आइसीएमआर ने भी इन्हें रद्दी करार दिया था

संवाददाता

रांचीः झारखंड के सरकारी अस्पतालों में अब भी चीन से लाये गये पीपीई किटों का

इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है। इस बारे में सूत्रों द्वारा जानकारी दिये जाने के बाद इस

सूचना की जांच की गयी थी। जांच में सूचना सही पायी गयी है। राजधानी रांची के सदर

अस्पताल में भी चीन में तैयार ऐसे किट उपलब्ध हैं। याद रहे कि पीपीई किट की जो पहली

खेप असम में मंगायी गयी थी, वह गुणवत्ता में फेल होने की वजह से रद्द कर दी गयी थी।

उसके बाद आईसीएमआर ने भी चीन से आयातित किटों को गुणवत्ता के लिहाज से गलत

ठहराते हुए उनके इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। सूत्रों से मिली सूचना के मुताबिक

कोरोना संकट के दौरान भी बहती गंगा में हाथ धोने में जुटे लोगों ने इन्हीं किटों को चोर

दरवाजे से सरकारी अस्पतालों में खपाना प्रारंभ कर दिया है ।

झारखंड के सरकारी अस्पतालों में यह कैसे पहुंचा जांच जरूरी

उल्लेखनीय है कि गलवान घाटी के सैनिक टकराव की प्रतिक्रिया में भारत सरकार ने चीन

से कारोबार पर कई किस्म के प्रतिबंधों का एलान किया था। इसके तहत मोबाइल में

इस्तेमाल होने वाले अनेक चीनी एप भी प्रतिबंधित कर दिये गये थे। इन कड़े प्रतिबंधों के

बीच चीन में निर्मित पीपीई किट कहां से झारखंड के अस्पतालों तक पहुंच रहे हैं, उसकी

सरल जांच से भी देश के अंदर छिपे ऐसे गद्दारों की पहचान कर लेना कोई कठिन काम नहीं

हैं। वैसे कोरोना काल में कोरोना जांच और ईलाज के नाम पर भी जबर्दस्त लूट मची हुई है।

यहां तक कि इसी श्रेणी के किट भी झारखंड के अलग अलग जिलों में अलग अलग दरों पर

खऱीदे जा रहे हैं। इस बारे में जब पहले सवाल किया गया था तो उसमें उनकी गुणवत्ता

अलग अलग होने की दलील दी गयी थी। लेकिन दाम में दोगुणा से अधिक के अंतर पर

सरकार की तरफ से कोई सफाई नहीं आयी थी।

इतना कुछ होने के बाद अब चीन में निर्मित पीपीई किट राजधानी के सदर अस्पताल में

होने की पुष्टि हुई है। तस्वीर में ध्यान से देखने पर जहां लाल घेरा बना हुआ है, वहां साफ

साफ मेन इन चाइना लिखा हुआ तथा बाकी चीनी भाषा में लिखे गये शब्द भी समझ में

आते हैं।

सदर अस्पताल ने नहीं खरीदी कोई किटः सिविल सर्जन

इस बारे में रांची के सिविल सर्जन डॉ विजय बिहारी से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि

अस्पताल के स्तर पर कोई किट नहीं खरीदा गया है। अस्पताल में जो किट उपलब्ध हैं, वे

या तो सरकार की तरफ से उपलब्ध कराये गये हैं अथवा किसी संस्था द्वारा दान में दिये

गये हैं। इसलिए अगर पीपीई किट चीन में निर्मित हैं भी तो इसमें सदर अस्पताल की कोई

भूमिका ही नहीं है।


 

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