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मांग में कमी के बावजूद घंटों कट रही बिजली

  • 23 अप्रैल से टीटीपीएस यूनिट टू बंद

  • औद्योगिक इकाई बंद होने से कमी

  • सेंट्रल पूल से 600 मेगावाट बिजली

रांची : मांग में कमी के बाद भी झारखंड अब भी लोडशेडिंग झेल रहा है। लॉकडाउन लागू

होने के साथ ही राज्य में बिजली की मांग में कमी आयी है। इसके बाद भी थोड़ी देर की

बारिश राज्य की बिजली व्यवस्था की पोल खोल देती है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के

अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो रही है।ऐसे में घंटों बिजली गुल होने की समस्या भी

चालू हो गयी। लॉकडाउन के पहले पिक आवर में 1200 से 1300 मेगावाट बिजली की

जरूरत होती थी। वहीं अब सात से आठ सौ मेगावाट बिजली से ही आपूर्ति पूरी हो जा रही

है।बावजूद इसके थोड़ी सी बारिश होते ही राज्य में बिजली कटौती शुरू हो जा रही है।

हालांकि पिछले तीन दिनों के उर्जा सचंरण के आंकड़ों को देखें तो 25 अप्रैल से 27 अप्रैल

तक लोड शेडिंग नहीं की गयी। वहीं 28 अप्रैल को सुबह 6:35 से 8:30 तक 239 मेगावाट

लोड शेडिंग की गयी।हालांकि लोड शेडिंग तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड के दोनों यूनिट

ट्रिप होने के कारण की गयी। उर्जा संचरण निगम लिमिटेड की मानें तो राज्य में घरेलू

बिजली खपत सामान्य है। मांग में कमी औद्योगिक ईकाई बंद होने के कारण आयी है।

बुधवार को भी राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हुई, जिससे बिजली काटी गयी।ऊर्जा

संचरण से जानकारी मिली कि बारिश के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली

काटी गयी। इस दिन लोड शेडिंग नहीं की गयी।

मांग में कमी के बीच टीटीपीएस यूनिट दो बंद

23 अप्रैल से टीटीपीएस यूनिट टू बंद है। ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के अनुसार, राज्य

में बिजली उत्पादन का प्रमुख स्रोत टीटीपीएस है। एक दिन में इसके दोनों यूनिट से 420

मेगावाट पावर जेनरेट किया जाता है।23 अप्रैल को इसके यूनिट एक से 156 मेगावाट

बिजली जेनरेट हुआ। 24 अप्रैल का आंकड़ा संचरण की ओर से जारी नहीं किया गया। 25

अप्रैल को यूनिट वन से 159 मेगावाट पावर जेनरेट हुआ।जबकि सेंट्रल पूल से मिलने वाली

बिजली में भी कटौती हो रही है। पहले राज्य को 700 मेगावाट बिजली आपूर्ति की जाती

थी। अब 500 से 600 मेगावाट बिजली आपूर्ति हो रही है। गौरतलब है कि उद्योग बंद है।

जिससे खपत में भी कमी आयी है। इसके बाद भी बिजली कटौती जारी है। सरकार ने

औद्योगिक ईकाईयों को भले खोलने का आदेश दिया। लेकिन अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में

उद्योग संचालित नहीं है। जेबीवीएनएल की मानें तो औद्योगिक ईकाइयों के खुलने से

300 मेगावाट तक बिजली खपत बढ़ने की संभावना है।ऊर्जा संचरण के अनुसार, राज्य में

पिछले कुछ दिनों में बिजली की मांग में कमी आयी है। कमी देशभर में है। जिसने केंद्रीय

स्तर में पावर जेनरेशन को प्रभावित किया है। क्योंकि मांग में कमी आयी है, इसलिए

जेनरेशन कम किया जा रहा है। हालांकि लॉकडाउन अवधि के बाद लोड शेडिंग नहीं की

गयी।


 

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