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झारखंड कैबिनेट की बैठक पहली बार संथाल के देवघर में आयोजित







  • देवघर को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की अनुशंसा
  • सैनिक कैंटिनों को वैट मुक्त शराब की मंजूरी
  • हाई कोर्ट में सरकारी वकीलों मानदेय बढ़ाया
  • अनेक विकास कार्यों के प्रस्तावों की स्वीकृति
संवाददाता

रांचीः झारखंड कैबिनेट की बैठक आज देवघर के परिसदन में हुई।

इस बैठक में विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला, देवघर को राष्ट्रीय मेला घोषित करने के लिए भारत सरकार को

अनुशंसा भेजे जाने के प्रस्ताव की स्वीकृति दी गयी।

मंत्रिपरिषद के अन्य महत्वपूर्ण फैसलों मे सेना और अर्ध सैनिक बलों के कैंटिनों को

वैट मुक्त शराब के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गयी है।

इसके लिए पूर्व में निर्गत अधिसूचना की घटनोत्तर स्वीकृति दी गयी है।

साथ ही सीमा सुरक्षा बल प्रशिक्षण केंद्र एवं विद्यालय मेरु हजारीबाग द्वारा संचालित

कैंटीन द्वारा खरीद बिक्री किए जाने वाले शराब पर मूल्यवर्द्धित कर से विमुक्ति प्रदान करने के लिए

पूर्व में निर्गत अधिसूचना की मंत्रिपरिषद ने घटनोत्तर मंजूरी प्रदान की है।

आज की कैबिनेट में चौथे वित्त आयोग के गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी है।

इसके अलावा झारखंड उच्च न्यायालय रांची में कार्यरत लोक अभियोजक एवं

अपर लोक अभियोजक /विशेष लोक अभियोजक के शुल्क में वृद्धि की स्वीकृति दी गयी।

अदालत के आदेश के आलोक में कर्मचारियों को स्वीकृत एसीपी/एमएसीपी के फलस्वरुप बकाए वेतन आदि के भुगतान के लिए

झारखंड आकस्मिकता निधि से छह करोड़ बीस लाख अग्रिम की निकासी की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गयी।

झारखंड राज्य के अंतर्गत एनपीएस /सीपीएस के कर्मचारी अंशदान और

समतुल्य सरकारी अंशदान की राशि का सर्वर टू सर्वर इंटीग्रेशन की कार्रवाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।

श्री हरीश चंद्र झा बनाम झारखंड राज्य तथा अन्य में माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के

न्यायादेश के अनुपालन के लिए वित्त विभाग के संकल्प 10770 दिनांक 30.12.1981 की कंडिका 11र्(्र) के प्रावधान

जिसके तहत कालबद्ध प्रोन्नति के लिए नियमित प्रोन्नति की सभी अर्हताओं को पूर्ण करना अनिवार्य है,

के प्रावधान को अपवाद की स्थिति में क्षान्त करने की मंजूरी दी गयी।

यह भी मंजूरी दी गयी कि अन्य किसी भी मामले में इसे पूर्व उदाहरण नहीं माना जाएगा।

झारखंड कैबिनेट ने अपनी आज की बैठक में गोड्डा जिला में सुंदर जलाशय योजना के

जीर्णोद्धार और मुख्य नहरों के लाइनिंग के कार्य के लिए एक 85.54 करोड़ के

एस्टीमेट के प्रशासनिक स्वीकृति को मंजूरी दी है।

गुमला जिला में डुमरी बड़ा कटरा- केराकोना सड़क कुल लंबाई 11.40 किलोमीटर है को

ग्रामीण विकास विभाग से पथ निर्माण को हस्तांतरित करते हुए इसके पुनर्निर्माण कार्य

(पुल निर्माण और भू अर्जन सहित) कुल छप्पन करोड़ बहत्तर लाख चालीस हजार छह सौ के

प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।

दुमका जिला के अंतर्गत दुमका रिंग रोड जिसे दुमका बाईपास भी कहते हैं कि

कुल लंबाई 7.45 किलोमीटर का निर्माण कार्य (भू अर्जन कार्य सहित)




छत्तीस करोड़ सतहत्तर लाख पच्चीस हजार पांच सौ के द्वितीय पुनरीक्षित

प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी

देवघर जिला के कोयरीडीह मेन रोड (पुनासी-जसीडीह सड़क पर) से दिघरिया पथ एवं चपरिया से

रमलडीह लिंक रोड को ग्रामीण विकास विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए

पुनर्निर्माण कार्य (पुलों के निर्माण और भू अर्जन सहित) सत्ताईस करोड़ बानबे

लाख उनचास हजार नौ सौ के प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।

पथ प्रमंडल बोकारो के अंतर्गत विष्णुगढ़–नरकी पथ के 22.96 किलोमीटर के चौड़ीकरण एवं

मजबूतीकरण कार्य के लिए इकतालीस करोड़ संतावन लाख आठ हजार के पुनरीक्षित

झारखंड कैबिनेट ने प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी

गिरिडीह जिला के अंतर्गत फतेहपुर मोड़ से बोंगी भाया भेलवाघाटी रोड को ग्रामीण विकास विभाग से

पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए (पुनर्निर्माण कार्य पुल निर्माण एवं

भू अर्जन सहित) के लिए पचास करोड़ इक्कावन लाख बासठ हजार आठ सौ ₹ मात्र के

प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।

पथ निर्माण विभाग के वर्तमान में निलंबित सहायक अभियंता तदेन प्राक्कलन

पदाधिकारी श्री शिवशंकर चौधरी के विरुद्ध प्रमाणित आरोपों के आधार पर सेवा से

बर्खास्तगी का दंड दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।

जिला योजना अनाबद्ध निधि के माध्यम से योजनाओं की स्वीकृति एवं कार्यान्वयन के लिए

मार्ग निर्देश में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी

इस संशोधन के उपरांत उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला योजना कार्यकारिणी समिति

के द्वारा वार्षिक कार्य योजना की स्वीकृति के पश्चात योजनाओं के क्रियान्वयन कराया जा सकेगा

तथा आगामी जिला योजना समिति की बैठक में कार्यकारिणी समिति द्वारा

स्वीकृत योजनाओं की सूची जिला योजना समिति के समक्ष सूचनार्थ प्रस्तुत की जाएगी।

इससे पहले यह प्रावधान था कि उपायुक्त द्वारा तैयार की गयी जिला की वार्षिक योजना में

जिला योजना समिति का अनुमोदन प्राप्त कर जिला योजना अनाबद्ध निधि से

योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जा सकेगा।

क्षतिपूरक वनरोपण के लिए सरकारी भूमि गैरमजरूआ डीम्ड फॉरेस्ट सहित सशुल्क स्थायी

हस्तांतरण से संबंधित सभी मामलों के निस्तारण की शक्ति उपायुक्त को

प्रत्यायोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।



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