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झारखंड वि. सभा के सत्र के 13वें दिन फिर आमने सामने आ गये विधायक

  • पप्पू के नाम की चर्चा पर गर्म हुआ सदन

  • सीपी सिंह ने राहुल गांधी पर की टिप्पणी

  • दोनों तरफ के विधायक लोग आगे आये

  • आमने सामने में हाथापायी तक की नौबत

रांचीः झारखंड वि. सभा के बजट सत्र के तेरहवें दिन सदन में काफी असहज स्थिति

उत्पन्न हो गयी। शुक्रवार को प्रथम पाली में भाजपा विधायक सीपी सिंह के कांग्रेस के

पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को पप्पू कहे जाने के बाद सदन में पूरी तरह गरम हो

गया। सत्ताधारी दल के विधायक जोर-जोर से बोलने लगे। इसके पहले कांग्रेस के डॉ

इरफान अंसारी ने पूर्व सीजेआइ रंजन गोगोई के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने

को शर्मसार करने वाला बताया था। दोनों पक्षों के विधायक शोरगुल कर रहे थे। इसी

बीच कथित तौर पर इरफान अंसारी ने भानुप्रताप व रणधीर सिंह को इशारा करते हुए

असंसदीय भाषा का प्रयोग कर दिया। इसके बाद विपक्षी सदस्य बाहें चढ़ाते हुए ट्रेजरी

बेंच की ओर पहुंच गये। सत्ता पक्ष के इरफान, उमाशंकर अकेला, नवीन विक्सल

कोंगाड़ी के अलावा अन्य सदस्य वेल पर पहुंच गये। इसके बाद दोनों ओर से देखने-

दिखाने की धमकी दी जाने लगी। दोनों ओर से हाथापायी की नौबत आ गयी। तब

संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम दौड़ कर वेल पर पहुंचे। दोनों पक्षों को शांत कराने

का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ता देख मंत्री बन्ना गुप्ता, प्रदीप यादव, लोबिन हेम्ब्रम

आदि ने दोनों पक्षों को समझाया-बुझाया। सदन में अराजकता बढ़ता देख स्पीकर ने

अपराह्न 12 बजे तक के लिए सदन को स्थगित कर दिया। हालांकि, स्पीकर के सदन

स्थगित किये जाने के बाद भी दोनों पक्ष एक-दूसरे पर चिल्लाते रहे।

झारखंड वि. सभा का सत्र को षडयंत्र के तहत बाधित: स्पीकर

सदन में हो-हंगामें के बाद स्पीकर ने कहा कि षडयंत्र के तहत कार्यवाही बाधित की जा

रही है। कुछ सदस्य जनमुद्दों का समाधान निकालने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जिन बातों को लेकर सदन में गतिरोध हुआ उसे स्पॉज कर दिया गया

है। उन्होंने कहा कि जनता के सवालों का समाधान निकालने की दिशा में सभी

विधायकों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कुछ विधायकों के व्यवहार से वह

आहत हैं।

व्यक्तिगत आक्षेप के लिए मांगे माफी सीपी सिंह: आलमगीर आलम

दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ताधारी दल के विधायक नारेबाजी करते हुए

वेल पर पहुंच गये। कांग्रेस व झामुमो के विधायक पूर्व मंत्री सीपी सिंह से राहुल गांधी को

पप्पू कहे जाने के लिए माफी मांगने की बात कह रहे थे। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री बन्ना

गुप्ता ने कहा कि श्री सिंह के वक्तव्य से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। श्री सिंह को

माफी मांगना चाहिये। उनके माफी नहीं मांगने पर उन्हें सदन से निलंबित किया जाना

चाहिए। स्पीकर की अनुमति से संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम बोलने के लिए

खड़े हुये। लेकिन, सत्ता पक्ष के विधायक अपने आसन से निकल कर नारेबाजी करने

लगे। सत्ता पक्ष के विधायक गुंडागर्दी नहीं चलेगी की नारेबाजी कर रहे थे। बाद में, श्री

आलम ने कहा कि वरिष्ठ सदस्य सीपी सिंह जानबूझ कर राहुल गांधी की प्रतिष्ठा को

क्षति पहुंचाने वाली भाषा का प्रयोग किया है। श्री सिंह को इसके लिए सदन में माफी

मांगना चाहिये। इस पर स्पीकर ने झामुमो के स्टीफन मरांडी को बोलने की अनुमति

दी। इस पर श्री मरांडी ने कहा कि श्री सिंह सदन में हमेशा ही उकसाने वाले बयान देते

रहे हैं। इससे सदन की स्थिति असहज होती है। श्री सिंह को अपने बयान के लिए माफी

मांगना चाहिये। इसी बीच मंत्री बन्ना गुप्ता ने सीपी सिंह मुर्दाबाद का नारा भी लगाया।

टूट जाऊंगा लेकिन झुकूंगा नहीं : सीपी सिंह

स्पीकर के आदेश से सीपी सिंह जब बोलने के लिए खड़े हुये तो कांग्रेस के विधायक

हल्ला करने लगे। इस पर श्री सिंह ने कहा कि सत्ताधारी दल के सदस्य बोल रहे थे तो

उन्होंने कोई टोका-टोकी नहीं की। अब, वह बोल रहे हैं तो कांग्रेसी सदस्य हल्ला कर

अपना संस्कार दिखा रहे हैं। फिर कहा कि स्पीकर चाहें तो उनके बयान पर विधि

परामर्श ले लें। यदि विधि विशेषज्ञ उनके बयान को असंसदीय करार देंगे तब ही वह

सदन में माफी मांगेगे। उन्होंने कहा कि वह टूट सकते हैं लेकिन झूक नहीं सकते हैं।

हालांकि, इसके बाद भाजपा के नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि दोनों पक्ष से उकसाने

वाली बातें कही गयी है। कांग्रेस के इरफान अंसारी को पहले माफी मांगना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्यों को गाली तक दिया गया है। इसके बावजूद विपक्षी

विधायक शांत हैं। कुछ सदस्य स्पीकर के नियमन को भी नहीं मानते हैं। उन्होंने पूर्व में

आसन से इरफान अंसारी को माफी मांगने के लिए दिये गये नियमन का हवाला दिया।

भाजपा विधायकों ने स्पीकर से इरफान की शिकायत की

भाजपा विधायकों ने कांग्रेस के इरफान अंसारी की शिकायत झारखंड वि. सभा के

स्पीकर रवींद्र नाथ महतो से की। भाजपा की ओर से कहा गया कि इरफान ने असंसदीय

भाषा का इस्तेमाल किया और भानु प्रताप शाही को गाली तक दी है। इस पर स्पीकर ने

उन्हें सदन की मर्यादा बरकरार रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने भाजपा विधायकों

को बात आगे नहीं बढ़ाने का आग्रह किया। स्पीकर से मिलने वालों में सीपी सिंह,

नीलकंठ सिंह मुंडा, अमर बाउरी, रणधीर सिंह मनीष जायसवाल, बिरंची नारायण,

पुष्पा देवी, अर्पणा सेन गुप्ता, डॉ नीरा यादव, अनंत ओझा आदि शामिल थे।

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