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झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे

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सिल्लीः झमाझम बारिश से सिल्ली और आसपास के किसानों के चेहरे जहां खिल उठे,




वहीं गर्मी से लोगों को निजात मिली। जिन किसानों ने धान की बिहन नहीं डाली थी। वे

खेत तैयार कर बिहन डालने में जुट गए। कई किसानों के बिहन लगभग तैयार है कई

किसान जल्द ही धान की रोपाई कर लेंगे। किसानों की मानें तो लगभग सात -आठ साल

बाद पहली बार इतने समय तक लगातार बारिश हुई है। नहीं तो हर साल सूखे से किसानों

की फसलें नष्ट होती रही हैं। किसानों का कहना है कि बारिश की वजह से खेत में पानी

नहीं पटाना पड़ा है। काफी बचत हुई है।वर्षों बाद इतनी अधिक बारिश जून माह में हुई है।

पहले बारिश न होने से फसल चैपट हो रही थी। इस बार लगातार बारिश होना खेती के

लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। वहीं सिल्ली बाजार के बीज विक्रेताओं का कहना है कि

इस बार धान बीज की बिक्री पिछले वर्ष से 25-30 प्रतिशत बढ़ी है बिक्री की प्रतिशत और

बढ़ने की उम्मीद है। बीज भंडार में उपलब्ध प्रति किलो 40 रूपए से 370 रुपए तक की धान

बीज किसानों ने खरीद की है।

झमाझम बारिश से तालाब बना साप्ताहिक सब्जी बाजार

सिल्ली हॉट बागान का साप्ताहिक बाजार तालाब के रूप में तब्दील हो गया है। बरसात के

पानी की निकाशी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बाजार में पानी भर गया है।

ज्ञात हो कि सिल्ली एवं आसपास के क्षेत्र में रविवार को जोरदार बारीश हुई थी। वैसे तो




बाजार परिसर का पानी कच्ची नाली से होकर निकलता है। परंतु नाली में कुढ़े का ढ़ेर भर

जाने के कारण नाली पुरी तरह से जाम हो चुका है। बाजार परिसर के चारो ओर बरसात का

पानी भर जाने से दैनिक सब्जी विक्रेताओ को भारी कठिनाइयों का सामना करना पढ़ रहा

है सब्जी विक्रेता उसी जगह जैसे तैसे व्यापार करने को विवश है। बाजार में सब्जी आदि के

अलावे दैनिक जरूरत की कई अन्य सामाग्रीयां भी बेची जाती है। सब्जी विक्रेताओ का

कहना है कि बाजार परिसर में सुविधा के नाम पर कुछ भी नही है। न तो यहां नाली की

व्यवस्था और न ही शेड की बरसात आते ही समानो को बेचने में समस्या उत्पन्न हो जाती

है। मार्केंट में छोटे बड़े मिलाकर लगभग सौ से अधिक दुकानें लगती है। यह सिल्ली का

एकलौता संध्या बाजार है जिसमें सिल्ली के अलावा आसपास के ग्रामीण खरीदारी करने

आते है। वैसे तो यहां शेड भी है परंतु अब यह जर्जर हो चुका है जो कभी भी गिर सकता है

इसलिए सब्जी विक्रेता इसके नीचे बैठ व्यापार भी नही कर सकते है। शेड का रखरखाव

सही ढ़ंग से नही हो पाने के कारण यह बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। ज्ञात हो की यह

शेड वर्षो पुराना है इसकी मरामति के लिए कई बार जनप्रतिनिधि को आवेदन भी दिया

गया था परंतु इस और कोई ध्यान नहीं दिया गया।

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