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जारंगडीह उतरी पंचायत का स्कूल हर शाम बन जाता है मयखाना

  • शराबियों के आतंक से परेशान है विवेकानंद विद्यालय के लोग

  • अनेक बार पुलिस और प्रशासन से रोकने की गुहार लगायी

साबिर अंसारी

बेरमो /जारंगडीह /कथाराः जारंगडीह उतरी पंचायत स्थित स्वामी विवेकानंद विद्यालय

इन दिनों पूरी तरह असामाजिक तत्वों के कब्जे में दिख रहा है। जिस शिक्षा के मंदिर में

दिन के समय पठन पाठन का कार्य चलता है मगर सूरज डूबते ही यह विद्यालय मयखाने

मे तब्दील हो जाता है। उपरोक्त बातें सुन कर आप जरूर सोचने पर मजबूर हो गये होगे

कि ऐसा भला कैसे संभव है, पर कैमरा कभी झूठ नहीं बोलता। तस्वीर साफ बयां करती है

कि उक्त स्कूल के बरामदे में किस तरह शराबियों द्वारा रात के अंधेरे में यहां बैठ कर

शराब पी गयी है। इस संबंध में उपरोक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक आर पी सिंह से फोन

पर जानकारी ली गई तो उन्होंने उपरोक्त बातो की सत्यता को स्वीकार करते हुए कहा कि

जहां पर स्कूल स्थापित है वहां के असमाजिक तत्वो से स्कूल प्रबंधक पूरी तरह त्रस्त है।

उनकी हरकतों की लिखित शिकायत अनेको बार स्थानीय थाने को दी गई मगर आज तक

पुलिस, प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नही की गई है। जिससे असमाजिक तत्वों का

हौसला और बढ़ गया है। प्रधानाचार्य श्री सिंह ने बताया कि असमाजिक तत्वो द्वारा सिर्फ

स्कूल में घुस कर शराब ही नहीं पी जाती बल्कि विद्यालय को गंदा भी करने का काम

किया जाता है। कहा कि विद्यालय गेट मे ताला लगा देने के बाद भी विद्यालय का भीतरी

हिस्सा सुरक्षित नही रहता। अज्ञात लोगों द्वारा ताला तोड़ दिया जाता है और भीतर घुस

कर अपनी हरकते करता है। कभी कभी तो स्कूल के पिछले हिस्से की चाहारदिवारी फंद

कर असमाजिक तत्व विद्यालय में प्रवेश कर जाता है और शराब आदि नशा कर वही पर

बोतल फोड़ कर चलते बनते हैं।

जारंगडीह उतरी के स्कूल की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं

इतना ही नहीं असमाजिक तत्वो द्वारा विद्यालय में निर्मित शौचालय को भी क्षतिग्रस्त

किया जा चुका है। कहा कि पुलिस का कहना है कि आप ऐसे लोगो को चिन्हित कर नाम

बताये कार्रवाई होगी। भला स्कूल प्रबंधक कैसे ऐसे तत्वों की पहचान कर सकता है स्कूल

में छुट्टी होने के बाद सभी लोग विद्यालय को बंद कर अपने अपने घर चले जाते हैं। बताया

कि यही आसपास के बच्चे उनके विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करते हैं। कहा कि ऐसे

असमाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने का काम पुलिस, प्रशासन का है ना कि स्कूल प्रबंधक

का। श्री सिंह ने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि इस मामले को संज्ञान में ले ताकि इस

शिक्षा के मंदिर का अस्तित्व बचा रह सके और स्थानीय बच्चो के बीच विद्यालय सुलभ

शिक्षा प्रदान कर सके। जबकि स्कूल के प्रधानाध्यापक से रात्रि सुरक्षा गार्ड रखने की बात

की गई तो उन्होंने कहा कि यह विद्यालय सीसीएल अनुदानित विद्यालय है। यहां के

ट्यूशन फीस से शिक्षको को वेतन देना ही मुश्किल होता है तो भला स्कूल प्रबंधक रात्रि

गार्ड कहा से रखे। कुल मिलाकर उपरोक्त विद्यालय जो कई दशकों से शिक्षा के क्षेत्र में

खासी पहचान बना चुकी है मगर वर्तमान की ज्वलंत समस्याओं को देखते हुए यही लगता

है कि असमाजिक तत्वों के कारण विद्यालय के अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है।

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