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जैसलमेर अब फिल्मकारों की शूटिंग का पसंदीदा स्थल बना

जैसलमेरः जैसलमेर अब नये सिरे से फिल्मों की वजह से चर्चा में आ रहा है। वैसे तो

यह इलाका पूरे देश के प्रमुख पर्यटन के लिहाज से देश का एक प्रसिद्ध इलाका है। लेकिन

अब राजस्थान में मरुस्थलीय पीत पाषाणों का स्वर्णिम शहर जैसलमेर फिल्मकारों का

पसंदीदा शूटिंग स्थल बन गया है, यहां दर्जनों फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है जबकि कई

फिल्मों की शूटिंग चल रही है। जानकारों के अनुसार लम्बे समय से राजस्थान में

फिल्मसिटी की स्थापना पर विचार कर रही राज्य सरकार ने उदयपुर, जयपुर और

जैसलमेर में सम्भावनाएं तलाशी हैं। उदयपुर में फिल्मसिटी की स्थापना प्रयास किये जा

रहे हैं, लेकिन वहां शूटिंग स्थलों में विविधताएं नहीं हैं। चंद स्थलों के आधार पर

फिल्मसिटी की स्थापना बेमानी है। जयपुर में इतना स्थान नहीं की फिल्म सिटी का

निर्माण हो सके। अलबत्ता जैसलमेर में फिल्मसिटी निर्माण की संभावनाओं को पंख लग

सकते हैं। जैसलमेर में वे सारी स्थितियां और स्थल मौजूद हैं जो फिल्मकारों के लिये

जरूरी समझे जाते हैं। जैसे किला, हवेलियां, रेगिस्तान, सरोवर, तालाब, ग्रामीण जन

जीवन, दर्शनीय स्थल, तंग गालियां, देशी बाजार, छतरियां, राजस्थानी लोक गीत संगीत

का खजाना, लोक कलाकार, पुरा महत्व के खंडहर, युद्ध फिल्मों के लिए मुफीद स्थल, भव्य

परम्परागत होटल। ये फिल्मकारों की मुख्य जरूरतें हैं। जानकारें के मुताबिक जहां

विविधताएं दिखती हैं। फिल्मकार भी यही चाहते हैं कि एक ही स्थान पर उन्हें सब

पसंदीदा स्थान शूटिंगके लिए मिल जाए। जैसलमेर में फिल्मसिटी निर्माण के लिए

उपर्युक्त और पर्याप्त जमीन भी उपलब्ध हो सकती है। स्थानीय फिल्म निर्माताओं को

इस सम्बन्ध में गंभीरता से राज्य सरकार तक अपनी बात रखनी चाहिए। राज्य के पर्यटन

को बढ़ावा देने के लिए भारतीय फिल्मे रामबाण साबित हो सकती हैं। ऐसे में राज्य सरकार

को आगे आकर जैसलमेर में फिल्मसिटी की स्थापना की संभावनाओं को तलाशने की

दिशा में कार्य करना चाहिए।

जैसलमेर अब आस पास के कारण भी लोकप्रिय

यहां मुख्य रूप से जो फिल्म शूटिंग के पसंदीदा स्थल हैं उनमें बड़ा बाग, खाभा, कुलधरा,

सम, खुहड़ी, रणाऊ, गड़ीसर लेक, पटवा हवेली, अमर सागर, लोद्रवा, पारम्परिक दर्जनों

गांव, तनोट, मोहनगढ़, ब्रह्मसर के रण, काले डूंगर की ब्लैक पहाड़ियां, नभ डूंगर, देगराय

का गुलाबी मैदान, दव गांव का दो भागो में बंटा रेगिस्तान, शहर की तंग गलियां, सहित

जैसे विविध स्थल हैं। जानकारों ने बताया कि यहां सुनील दत्त की रेशमा और शेरा,

सत्यजीत रे की सोनार किला, दो बून्द पानी, राजकपूर की अब्दुल्लाह, कमाल अमरोही की

रज़िया सुल्तान, सल्तनत, अनिल शर्मा की एलाने जंग, यश चोपड़ा की लम्हे, बजरंगी

भाईजान, हॉउसफुल चार, किक 2, थीरन, स्कॉर्पियो, जेकी चैन की चाइनीज फिल्म, नन्हे

जैसलमेर, रेस 3, बादशाहों, कच्चे धागे, अब तुम्हारे हवाले वतन, काला, सहित सेंकड़ो

फिल्मो और विज्ञापनों की शूटिंगहो चुकी हैं। वर्तमान में भी दर्जनों फिल्मो की शूटिंगहो

रही हैं। इस विषय में फिल्मलाइन निर्माता प्रदीप गौड़ ने बताया कि जैसलमेर में लगातार

फिल्म शूटिंगहो रही हैं, पिछले साल बड़े बैनर्स भी अपनी फिल्मों की शूटिंग जैसलमेर में

करने लगे हैं। यहाँ शूटिंगके लिए अनुकूल स्थल और माहौल है, जिसके चलते फिल्मकारों

का रुझान बढ़ा हैं। लोकेशन में विविधताएं भी हैं, जिसके चलते फिल्मकारों को एक ही

जगह शूटिंगकरने में आसानी रहती हैं,। हम जैसलमेर में फिल्म सिटी के निर्माण की

पुरजोर मांग करेंगे ताकि जैसलमेर में पर्यटन भी बढ़े।

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