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जैश ए मोहम्मद के आरोपी को क्लीन चिट कैसेः कांग्रेस

  • पुलवामा हमले का आरोप पत्र एक साल में दाखिल क्यों नहीं

  • पहले जो दावे किये गये थे उस पर अब सरकार का क्या कहना

  • देश को गलत सूचना देने की जिम्मेदार खुद लें अमित शाह

नईदिल्लीः जैश ए मोहम्मद के आरोपो को क्लीन चिट मिलने और फर्जी दावों के संबंध में

कांग्रेस ने फिर से केंद्र सरकार पर हमला बोला है। इस मामले में कांग्रेस ने गृहमंत्री और

एनआईए प्रमुख का इस्तीफा मांगा है। पार्टी की तरफ से यह कहा गया कि फर्जी दावे तथा

बरगलाने वाले संदेशों को रोकने में असफल रहने के लिए गृह मंत्री अमित शाह और

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) प्रमुख वाई सी मोदी जिम्मेदार हैं और दोनों को तत्काल

इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने शुक्रवार को यहां पार्टी

मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पुलवामा हमले के आरोपी के खिलाफ

सरकार अनिवार्य रूप से दाखिल किया जाने वाला आरोप पत्र एक साल में दायर नहीं कर

सकी।

जिसके कारण इस हमले का मुख्य आरोपी तथा आतंकवादी संगठन जैश-ए- मोहम्मद के

सदस्य यूसुफ चौफान को अदालत से राहत मिल गयी। उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात

यह है कि चौफान आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सदस्य है और सरकार कहती

है कि इस खतरनाक आतंकवादी संगठन के सदस्य के खिलाफ उसके पास ठोस दस्तावेज

नहीं थे। इसलिए उसके विरुद्ध आरोप पत्र नहीं किया जा सकता। सरकार का यह बयान

देश को बरगलाने वाला बयान है, उसकी इस कार्यशैली से दुश्मन को क्लीनचिट मिली है।

प्रवक्ता ने कहा कि यह सबसे बड़ा देशद्रोही और राष्ट्रद्रोही बयान है।

जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी के खिलाफ सबूत क्यों नहीं

उन्होंने सरकार से सवाल किया जब जैश के एक घोषित सदस्य के खिलाफ सरकार कोई

सबूत नहीं जुटा सकी तो यह सरकार इस आतंकवादी संगठन के खिलाफ कैसे कार्रवाई

करेगी। उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर मुद्दा बताया और कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के

साथ खिलवाड़ कर रही है और अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रही है।

उल्लेखनीय है कि पुलवामा हमले में आरडीएक्स कैसे आया और वहां के डीएसपी देविंदर

सिंह की इसमें क्या भूमिका थी, इस पर पहले से ही सवाल खड़े होते रहे हैं। अभी हाल ही में

देविंदर सिंह को तीन आतंकवादियों के साथ हथियार सहित गिरफ्तार भी कर लिया गया

है।


 

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