केरल में जल प्रलय की स्थिति 26 डैमों से निकल रहा पानी

केरल में जल प्रलय की स्थिति
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  • पानी की भयावह हालत पर अधिकारी भी चिंतित

  • नीलांबूर में 40 सेमी बारिश

  • अनेक नदी तटों पर रेड एलर्ट जारी

  • अब तक 25 लोगों की मौत

शालिनी टी एस



तिरुअनंतपुरम: केरल में पांच साल के बाद फिर से जल प्रलय जैसी स्थिति नजर आ रही है।

पानी के इस तांडव से राज्य के अधिकांश इलाके प्रभावित है।

अत्यधिक बारिश में बन रही परिस्थिति को लेकर अब अधिकारी भी चिंतित हो गयी है।

बारिश का यह प्रकोप यहां के सबसे बड़े पर्व ओणम के ठीक पहले हो रहा है।

अत्यधिक बारिश और जलजमाव की वजह से अधिकांश जिलों में स्कूल और कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

केरल के 26 डैमों के फाटक खोले गये 

मिली जानकारी के अनुसार इडूकी डैम के अलावा भी केरल के 25 अन्य डैमों से पानी की निकासी लगातार हो रही है।

इन डैमों का फाटक खोले जाने की वजह से निचले इलाकों में लगातार पानी ऊपर चढ़ रहा है।

फाटक खोले जाने के बाद भी इडूकी का जलस्तर 24 सौ फीट से ऊपर चला गया है।

इस वजह से अधिक जल निकासी की जा रही है।

वहां के दो और फाटक खोल दिये गये हैं ताकि पानी का स्तर नीचे आ सके।

इन सारे गेटों को खोलने के बाद वहां से सवा लाख क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है।

कोच्ची में पानी पंपिंग स्टेशन को भी बंद किया गया है।

हाल के इतिहास में इस पंपिंग स्टेशन को बंद करने की यह पहली घटना है।

ऐसा इसलिए करना पड़ा है क्योंकि पेरियार नदी का पानी ऊपर तक आ पहुंचा है।

इस पंपिंग स्टेशन को बंद किये जाने की वजह से कोच्ची के लोगों को पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

नदी के पानी में कीचड़ और कचड़ा होने की वजह से उन्हें साफ करने में संयंत्र में भी दिक्कत आ रही है।

अलूबा में एक मंदिर भी पेरियर नदी में डूब चुका है।

यहां के शिव मंदिर और आस-पास के इलाके भारी बारिश की वजह से नदी में समा चुके हैं।

पानी इस मंदिर की छत के ऊपर तक जा पहुंचा है।

इसलिए अब इस मंदिर में पिंडदान का काम फिलहाल होने की कोई संभावना नहीं है।

केरल को लेकर मौसम वैज्ञानिक भी अधिक चिंतित

केरल में जल प्रलय की स्थितिमौसम वैज्ञानिक भी इस बारिश को लेकर काफी चिंतित हैं।

उनके मुताबिक भारत के दक्षिण पूर्व मॉनसून में केरल में सर्वाधिक बारिश अक्टूबर और नवंबर माह में होती है।

इस बार अगस्त में ही बारिश का ऐसा कहन देखने को मिल रहा है।

इस राज्य में अब तक करीब 15 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है।

अब तक की जानकारी में सबसे अधिक बारिश वर्ष 1961 के अक्टूबर माह में हुई थी।

तब वायनाड के वैथिरी में एक ही दिन में 91 सेमी बारिश का रिकार्ड दर्ज किया गया था।

इस बार नीलांबूर में कल ही 40 सेमी बारिश हुई है।

पहले से बनी बाढ़ की स्थिति में इस बारिश ने भी कहर ढाने का काम किया है।

अनेक इलाकों से भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद सेना और पुलिस के कमांडो तक को तैयार रहने को कहा गया है।

इसमें महिला कमांडो भी हैं। चौबीस घंटे सक्रिय एक हेल्पलाइन की मदद से लोगों को राहत पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

लगातार बारिश की वजह से इडूकी के अलावा 25 अन्य डैमों का फाटक भी खोलना पड़ा है।

केरल के इन डैमों के गेट भी खोले गये

इनमें पेप्पारा, अरूविकारा, नेय्यर, थेनमाला, काक्की, अनंथोड, साबारीगिरि,चेरुथोनी, मालांकारा, कल्लारकुट्टी, निचली पेरियार, इदामालायार, भूथानथान केतु, पेरिगालकुथु, पीछी, वाझानी, मालामपुझा,मंगलम, पोथुंडी, कांजिरामपुझा,शिरुवानी, काक्कायम, बांसुरा सागर,कारामपुझा, पाजहासी हैं।

केरल में जल प्रलय की स्थितिइन 26 डैमों का फाटक खोलने को भी अधिकारी सामान्य स्थिति नहीं मानते।

डैम सुरक्षा प्राधिकार के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वीएन रामचंद्रन ने कहा है कि पहली बार इतने सारे डैमों का फाटक एक साथ खोला गया है।

यह पहली बार हो रही है।

इसलिए इसे सामान्य हालत नहीं समझा जाना चाहिए

क्योंकि सभी डैमों का पानी निचले इलाकों तक पहुंच रहा है अथवा पहुंचने वाला है।

समझा जा रहा है कि अगर डैमों के फाटक इसी तरह खुले रहे तो नेदुमबास्सेरी एयरपोर्ट को बंद करना पड़ सकता है।

इस इलाके में जलस्तर बढ़ने से एयरपोर्ट भी डूब सकता है।

वैसी स्थिति में कोच्ची के लिए और ज्यादा खतरा उत्पन्न हो जाएगा।

पहले से तैयारी करते हुए वायु सेना ने इडूकी और वायनाड में हवाई सुरक्षा की तैयारी की है।

ताकि लोगों को आपातकाल में वहां से उड़ान भरकर बचाया जा सके।

दो हेलीकाप्टरों में पहले से ही जरूरी सामान और दवाइयां रख ली गयी हैं।

इनमें से एक को सुलुर एयरबेस पर भेज दिया गया है जबकि दूसरा अंतिम स्थिति तक नजर रखते हुए कोच्ची हवाई अड्डे पर ही तैनात है।

नेहरू ट्राफी बोट प्रतियोगिता स्थगित

ओणम के मौके पर आयोजित होने वाल नेहरू ट्राफी बोट प्रतियोगिता स्थगित कर दी गयी है।

भारी वर्षा की वजह से ऐसा फैसला लिया गया है।

इस बार की प्रतियोगिता में भारत रत्न सचिन तेंडूलकर को प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया था।

हालात देखते हुए आयोजकों ने इसे स्थगित करने का फैसला लिया है।

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