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चुनाव से पहले ही उत्तरप्रदेश भाजपा में भूस्खलन की नौबत




  • मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा से इस्तीफा दिया
  • उनके चार समर्थक विधायकों ने भी पार्टी छोड़ी
  • कहा बार बार बातों को अनसुना किया गया
  • नेतृत्व के प्रति अपनी नाराजगी जतायी
राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश भाजपा की सेहत बिगड़ती चली जा रही है। आज एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में प्रदेश के मंत्री और कद्दावर नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने अचानक ही पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। समझा जाता है कि वह अब समाजवादी पार्टी मे शामिल होने जा रहे हैं।




श्री मौर्य के इस्तीफा देने के बाद उनके समर्थक समझे जाने वाले चार अन्य विधायकों ने भी भाजपा से अपना रिश्ता तोड़ने का एलान कर भाजपा की स्थिति निरंतर कमजोर होने का संकेत दे दिया है।

बता दें कि श्री मौर्य के साथ साथ आज भाजपा छोड़ने वालों में रोशन लाल वर्मा, ब्रिजेश प्रजापति, भगवती सागर और विनय शाक्या है। यह सभी लोग बहुजन समाज पार्टी छोड़कर भाजपा में आये थे। भाजपा से त्यागपत्र देने के बाद पहली बार श्री मौर्य ने अपनी नाराजगी भी खुलकर जतायी।

उन्होंने कहा कि वह तब बसपा छोड़कर भाजपा में आये थे, जब बसपा प्रदेश की शीर्षस्थ पार्टी थी और इस राज्य में भाजपा वनवास में थी। भाजपा को उस वनवास से यहां तक पहुंचाने में उनका भी योगदान रहा है। इसके बाद उनकी बातों को पार्टी में लगातार अनसुना किया गया।

पांच बार के विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य को राज्य में ओबीसी का एक कद्दावर नेता समझा जाता है। इसलिए उनके त्यागपत्र से भाजपा अचानक ही चुनाव से पहले पूरे उत्तरप्रदेश में कमजोर दिखने लगी है।




जाहिर सी बात है कि ओबसी समुदाय का वोटर अगर भाजपा से अलग हुआ तो पूर्व के सारे समीकरणों का अनुमान ध्वस्त ही हो जाएगा। आज श्री मौर्य ने मीडिया के सामने खुलकर अपनी नाराजगी जतायी और कहा कि अनेक मुद्दों पर बार बार नेतृत्व का ध्यान आकृष्ट करता रहा पर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।

चुनाव से पहले ओबीसी नेता का जाना बड़ा धक्का

वैसे बता दें कि श्री मौर्य का पहले से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 36 का रिश्ता बना हुआ था। उन्होंने इसकी शिकायत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी की थी। अब उनके इस्तीफे की बात जाहिर होन के बाद खबर आयी है कि श्री शाह ने आनन फानन में राज्य के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से उन्हें मनाने को कहा है।

लेकिन उनकी पहल का भी उल्टा ही असर हुआ। उप मुख्यमंत्री द्वारा पार्टी नहीं छोड़ने की अपील पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज उनकी याद क्यों आ रही है। यह काम तो तब होना चाहिए था जब वह बार बार मुद्दों को लेकर नेतृत्व से शिकायत कर रहे थे। जानकार यह बता रहे हैं कि शीघ्र ही श्री मौर्य औपचारिक तौर पर समाजवादी पार्टी में शामिल हो जाएंगे।

शरद पवार के बयान से राजनीति गरमायी

इस बीच एनसीपी नेता शरद पवार का बयान इस पूरे मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है। श्री पवार ने कहा है कि भाजपा के कुल 13 विधायक शीघ्र ही पार्टी से अपना रिश्ता तोड़ लेंगे। उत्तरप्रदेश में बार बार हिंदू मुसलमान का खेल से वहां की जनता तंग आ गयी है।

इसलिए जनता के मिजाज को वहां के विधायक भी अच्छी तरह समझ पा रहे हैं। उत्तरप्रदेश में अभी बदलाव की हवा चल रही है। हवा का रुख भांपते हुए भाजपा के खेमे में अभी और टूट होगी। इससे समझा जा सकता है कि उत्तरप्रदेश का चुनाव का परिणाम आखिर क्या होने जा रहा है। इसके साथ ही श्री पवार ने कहा कि उनकी पार्टी गोवा में भी टीएमसी और कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर प्रयासरत है।



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