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तेंदुआ समझकर लोग डर गये थे बाद में पता चला कि जंगली बिल्ली थी







बहराइचः तेंदुआ समझकर लोग वाकई डर गये थे। अचानक एक तेंदुआ के गेट में फंसने की खबर जिसे मिली,

जहां था वहीं से घटनास्थल की तरफ भाग निकला।

दरअसल हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में तेंदुआ के हमले में कई लोगों के घायल

होने की सूचना सार्वजनिक हुई है। इसी वजह से लोग तेंदुआ को लेकर काफी सशंकित भी हैं।

उत्तर प्रदेश में बहराइच के कतर्नियाघाट के चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज के गेट में एक तेंदुए के फंसे होने

की खबर से हड़कंप मच गया लेकिन वन विभाग की टीम ने उसकी पहचान फिशिंग कैट के रूप में की है।

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार कतर्नियाघाट वन्य जीव क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज के सदर बीट अंतर्गत

चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज के गेट संख्या 18 में आज सुबह लगभग 6 बजे एक तेंदुआ फँसे होने की

खबर से हड़कंप मच गया ।

ग्रामीणों ने बैराज में तेंदुए को जिंदगी और मौत से जूझता देख सूचना वन विभाग को दी ।

खबर के फैलते ही सैकड़ों लोगों की भीड़ बैराज पर जमा हो गई ।

वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद

तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाल लिया ।

तेंदुआ से आकार में काफी छोटी थी जंगली बिल्ली

इस जंगली जानवर को गेट से मुक्त कराने के बाद उसे नजदीक से जब देखा गया तो वह आकार में

तेंदुआ से काफी छोटा था। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह एक प्रजाति की जंगली बिल्ली है।

इसे फिशिंग कैट के नाम से जाना जाता है। इसका प्रिय भोजन भी शायद मछली ही होता है।

शायद इसी वजह से इसका नाम फिशिंग कैट पड़ा है।

वन क्षेत्राधिकारी पीयूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि यह शायद मछलियों के शिकार करने के चलते

गेट में फंस गया था ।

फिशिंग कैट को वन विभाग की टीम ने बैराज के निकट महादेवा ताल के निकट बंधे पर छोड़ दिया ।



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