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अब नजर आने लगी है असम चुनाव में कांटे की टक्कर

  • गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधा

  •  जेपी नड्डा ने बदरुद्दीन अजमल पर लगाया आरोप

  •  कहा वह धर्म की राजनीति से समाज को बांटना चाहता है


भूपेन गोस्वामी


गुवाहाटी: अब नजर आने लगी है असम चुनाव में कांटे की टक्कर  असम चुनाव में

राजनीतिक हलचल अब तेज हो गई है। असम के चुनावी संग्राम में कांग्रेस के दिग्गज नेता

और राज्य के पूर्व सीएम तरुण गोगोई निधन के बाद भी अहम बने हुए हैं। गोगोई ने उन्हें

इस बात का भी श्रेय दिया जाता था कि उन्होंने राज्य में दशकों से चली आ रही खूनी हिंसा

का दौर खत्म कर विकास और अमनचैन का दौर स्थापित किया। वह अहोम समाज से

आते थे जो कि असम की खांटी असमिया पहचान से जुड़ा है। ऊपरी असम के हिस्से में

अहोम समाज को दबदबे वाला माना जाता है। कहा जाता है कि जिसने ऊपरी असम जीता,

सत्ता उसी की होती है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय में हुए असम समझौते के

बाद इस इलाके में असमिया अस्मिता की भावना लगातार मजबूत होती गई। यही वजह है

कि पूरे असम की तुलना में ऊपरी असम में नागरिकता संशोधन बिल (सीएए) के खिलाफ

विरोध काफी तेज है। इसके चलते बीजेपी और एनडीए के खिलाफ माहौल बन रहा है।

बीजेपी उस नाराजगी को दूर करने के लिए असम की अस्मिता की बात भी कर रही है। वह

कांग्रेस सहित दूसरे दलों पर वहां घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप भी लगा रही है।

हालाँकि, सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने असम के

अलग-अलग जिलों में रैलियां की। शाह ने कहा कि बीजेपी की सर्बानंद सोनेवाल सरकार ने

असम के विकास के लिए काम किया, लेकिन कांग्रेस यहां बदरुद्दीन अजमल की

(एआईयूडीएफ) के साथ चुनाव मैदान में उतरी है। ये गठबंधन अगर पावर में आता है तो

असम में घुसपैठ की घटनाएं बढ़ जाएंगी। कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए की उन्हें बदरुद्दीन

अजमल के साथ चुनाव लड़ना पड़ रहा है।

अब नजर आने लगी है चुनावी सभा में गरमाहट

गृहमंत्री ने कहा कि विश्व भर के पर्यटक काजीरंगा आ सकते हैं, लेकिन बदरुद्दीन अजमल

के घुसपैठियों ने वहां कब्जा जमा रखा था। भाजपा की सरकार बनने के बाद दो दिन के

अंदर घुसपैठियों को बाहर कर दिया गया। असम के जोनाई में अमित शाह ने कांग्रेस

सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं

कि तरफ तो कांग्रेस असम की अस्मिता बचाने की बात करती है और दूसरी तरफ ऐसे

व्यक्ति की पार्टी के साथ चुनाव लड़ रही है, जो यहां घुसपैठ को बढ़ावा देता है।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने असम के डिब्रूगढ़ में एक रैली को संबोधित किया। उन्होंने

कहा कि कांग्रेस ने असम की सभ्यता को चोट पहुंचाई है। उन्होंने असम की सुरक्षा को

कभी तरजीह नहीं दी, इसलिए यहां परेशानियां बढ़ती गईं। पिछले 5 सालों में सर्बानंद

सोनेवाल ने राज्य में काफी सुधार किया है।

उन्होंने बदरुद्दीन अजमल पर निशाना साधते हुए कहा अब तय करना है कि हमें असम की

संस्कृति बचाना है कि बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व में समाज को बंटने देना है। उन्होंने

कहा कि कांग्रेस राज में बोडोलैंड आंदोलन के दौरान 2,155 लोग और 2,084 सुरक्षा कर्मी

मारे गए। 1,300 लोगों का अपहरण हुआ। भाजपा आई तो बोडो आंदोलन समझौते में

बदल दिया गया।

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