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देखने में सुंदर लेकिन अपने साथ काफी जहर रखता है यह प्राणी

  • ब्राजिल के जंगलों में मेढ़क की नई प्रजाति मिली

  • ब्राजिल के मांटीक्यूरिया पर्वत पर मिला मेढ़क

  • पंपकिन टोडलेड नाम चमकीले रंग की वजह से

  • इस पर अभी आगे शोध का दौर अभी जारी है

राष्ट्रीय खबर

रांचीः देखने में सुंदर है। इसके चटकीले रंग को देखकर कोई भी उसकी तरफ आकर्षित हो

सकता है। आकार में बहुत छोटा होने की वजह से आम आदमी उसे अपनी हाथों में भी उठा

सकता है। लेकिन वैज्ञानिकों ने इस नई प्रजाति की खोज करने के साथ साथ यह भी जांच

लिया है कि यह अत्यंत जहरीला है। अगर कोई बिना जाने से उसे अपने हाथ में उठा ले तो

उसे अपने हाथ और आंख को सबसे पहले अच्छी तरह धो लेना चाहिए वरना इस छोटे से

मेढ़क के शरीर में मौजूद जहर नुकसान पहुंचा सकता है। वैसे नारंगी रंग के इस मेढक को

वैज्ञानिकों ने पंपकिन टोडलेड नाम दिया है। पंपकिन इसलिए क्योंकि उसका रंग भी

पंपकिन यानी कोहड़े के रंग का है। ब्राजिल के पहाड़ों में इस नई प्रजाति की खोज हुई है।

आकार में मात्र एक ईंच का यह प्राणी ब्राजिल के मांटीक्यूरिया पर्वत के जंगल में नजर

आया है। इस खोज से जुड़े साओ पाओलो विश्वविद्यालय के प्रोफसर इवान नूंस ने कहा

कि यह खोज काफी खुशी देने वाला रहा है। खास कर जब आप किसी वस्तु अथवा प्राणी

को पहली बार देखते हैं और यह जानते हैं कि इसे इससे पहले किसी ने नहीं देखा है तो एक

रोमांच का अनुभव होता है। देखने के बाद पहली बार इसे मेढ़कों की एक अन्य प्रजाति बी

एपिपियम श्रेणी का माना गया था लेकिन शोध में यह गलत साबित हुआ। न्यूयार्क

विश्वविद्यालय की शोधकर्ता (जो इस खोज से जुड़ी हुई नहीं थीं) सांद्रा गाउटे ने कहा कि

इस श्रेणी और रंग के कई अन्य छोटे मेढ़क भी हैं लेकिन यह दूसरों से अलग है। इसके

शरीर में मौजूद जहर का संदेह तो उसके चमकीले रंग को देखकर ही हो गया था।

देखने में सुंदर और रंग से ही जाहिर है कि जहरीला है

आम तौर पर प्राकृतिक तौर पर जमीन अथवा पानी में अधिक चटकीले रंग के प्राणियों में

जहर होने का अंदेशा एक सामान्य अनुमान है। दरअसल इन रंगों की बदौलत ही वे यह

जता देते हैं कि उनके करीब आना खतरनाक हो सकता है। इस मेढ़क के जहर की जांच

करने वालों का माननना है कि यह इंसान को जानलेवा घातक असर तो नहीं दे सकता

लेकिन जहर से परेशानी अवश्य हो सकती है। इनके शरीर में जो जहर मौजूद है उसे

टेट्रोडोक्सिन कहा जाता है। इस किस्म का जहर फुगो मछलियों में भी पाया जाता है।

इंसानी शरीर के किसी कटे हुए घाव पर अथवा खून के सीधे संपर्क में आने पर इस जहर

का मारक प्रभाव और अधिक हो जाता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि इस छोटे के मेढ़क के

शरीर के अंदर फ्लूरोसेंट का असर भी है। इसलिए सामान्य रोशनी में आम तौर पर यह

नजर भी नहीं आते हैं। जब उन्हें अल्ट्रा वायोलेट किरणों के नीचे रखा जाता है तो उनकी

चमक साफ हो जाती है। लेकिन यह इस तरीके से चमकते क्यों हैं, इस बारे में अभी

शोधकर्ता कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। फिलहाल तो इस नई प्रजाति की खोज भर हुई

है। यह मेढ़क कितने दिनों तक जिंदा रहता है और वे कैसी जिंदगी जीते हैं, इस बारे में

अभी जानकारी हासिल करने की कोशिश चल रही है। जिस इलाके में इस नई प्रजाति को

देखा गया था,वह पंपकिन टोडलेट सैकड़ों की संख्या में था। आगे के अनुसंधान में उनके

बारे में और जानकारी मिल पाने की उम्मीद है। इनके पाये जाने के बाद जांच में यह

प्रमाणित हो चुका है कि वे जेनेटिक और शारीरिक तौर पर दूसरे मेंढकों से भिन्न हैं।

जेनेटिक तौर पर दूसरे मेंढकों से भिन्न संरचना है

वैज्ञानिकों ने जांच में यह भी पाया है कि उसके शरीर की हड्डियां अपनी चमड़ी के काफी

करीब है। आम तौर पर सामान्य रोशनी में इसका पता भी नहीं चलता है। वैज्ञानिकों का

अनुमान है कि इसी रंग की वजह से यह मेढ़क दूसरे शिकारियों को यह साफ संकेत देते हैं

कि वे भोजन नहीं हैं और जहरीले हैं। प्राणी जगत में ऐसे चमकीले रंग के साथ जहर होने

की बात पहले से प्रमाणित हैं और अन्य प्राणी इन संकेतों को काफी अच्छी तरह जानते भी

हैं। ऐसा आवरण और रंगों का संकेत लेकर चलने वाले अन्य प्राणी भी दुनिया में हैं, जिनसे

अन्य प्राणी बचकर ही चलते हैं। वैसे ब्राजिल के जंगलो में मिला देखने में सुंदर यह नन्हे

आकार का मेढ़क और कौन कौन सी विशेषताएं रखता है, उसकी जांच अभी जारी है।

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