Press "Enter" to skip to content

ईरान के मुद्दे पर ट्रंप और मैक्रॉन के बीच हुई लंबी बात-चीत







वाशिंगटनः ईरान के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संवर्धित यूरेनियम की सीमा को बढ़ाने को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से चर्चा की।

व्हाइट हाउस की ओर से सोमवार को जारी एक वक्तव्य के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से ईरान के मुद्दे पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने परमाणु समझौते

के संयुक्त कार्रवाई योजना (जेसीपीओए) के तहत ईरान के संवर्धित

यूरेनियम की सीमा को बढ़ाने के फैसले पर चर्चा की।

इससे पहले सोमवार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक

युकिया अमानो ने ईरान के 300 किलोग्राम की संवर्धित यूरेनियम की सीमा पार करने की पुष्टि की थी।

गौरतलब है कि ओमान की खाड़ी में कुछ दिनों पहले होरमुज जलडमरूमध्य के नजदीक दो तेल टैंकरों

अल्टेयर और कोकुका करेजियस में विस्फोट की घटना तथा ईरान द्वारा अमेरिका के खुफिया

ड्रोन विमान को मार गिराने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।

ईरान ने आठ मई को अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते के कुछ प्रावधानों से अलग होने की घोषणा की थी

जिसके बाद से इस समझौते को संशय की स्थिति बनी हुई है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में ईरान ने अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ

एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

समझौते के तहत ईरान ने उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के बदले

अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमति जतायी थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि

यदि वह अपने परमाणु कार्यक्रम के तहत संवर्धित यूरेनियम की सीमा को पार करता है

तो उसे गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

श्री ट्रंप ने ईरान को संवर्धित यूरेनियम की सीमा पार नहीं करने की चेतावनी दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ ईरान आग से खेल रहा है।’’

ईरान के मुद्दे पर ब्रिटेन ने कहा वह हमले में शामिल नहीं होगा




मास्कोः ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमले में ब्रिटेन के शामिल होने की किसी भी संभावना से इंकार कर दिया है।

श्री हंट ने सोमवार को स्काई न्यूज से कहा, ‘‘ मैं ऐसी किसी भी परिस्थिति की कल्पना तक नहीं कर सकता, जब हम इसका (ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमले) हिस्सा होंगे

क्योंकि हमने अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते और अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों पर

एक अलग रुख अपनाया है।’’

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि ब्रिटेन और परमाणु समझौते में शामिल अन्य देश

उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से नहीं बचाते हैं तो वह अपने यूरेनियम का संवर्धन और बढ़ायेगा।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ हम इस समझौते को बचाना चाहते हैं क्योंकि हम नहीं चाहते कि

ईरान के पास परमाणु हथियार हों, लेकिन यदि ईरान इस समझौते को तोड़ता है

तो हम भी इससे बाहर हो जायेंगे।’’



Spread the love
  • 2
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •   
  •  
  •  
    2
    Shares

Be First to Comment

Leave a Reply

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com