fbpx Press "Enter" to skip to content

मुख्यमंत्री योगी के गृह जिला गोरखपुर में फरवरी में अंतर्राष्ट्रीय वर्ड फेस्टिवल

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर में आगामी फरवरी में

अंतर्राष्ट्रीय वर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जायेगा । प्रदेश के वन एवं जंतु उद्यान मंत्री

दारा सिंह चौहान ने आज यहां कहा कि पर्यटन और इको टूरिज्म के लिहाज से गोरखपुर

बहुत ही बेहतर विकल्प बनने जा रहा है। शहीद अशफाक उल्ला खॉ प्राणी उद्यान और

रामगढ़ झील को प्रदेश का पहला अधिसूचित वेटलैंड घोषित होने के बाद राष्ट्रीय ही नहीं

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी पहचान स्थापित होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए

फरवरी में गोरखपुर में इंटरनेशनल बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। इसमें

अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटक गोरखपुर झील और बर्ड वाचिंग के लिए यहां आएंगे ’ वन

विभाग के अधिकारियों को इस आयोजन को मूर्त रूप देने का निर्देश दिए गए हैं। वन मंत्री

बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में

इस साल एक दिन में 25 करोड़ पौधे लगा कर इतिहास रचा गया। अगले साल एक दिन में

30 करोड़ पौधे लगा कर इस रिकार्ड को तोड़ा जायेगा । उन्होंने इको टूरिजन्म पर जोर देते

हुए कहा कि नए साल में प्राणी उद्यान का तोहफा पूर्वांचल को मिल जाएगा। प्राणी

उद्यान को इतना खुबूसूरत बना रहे कि कोई भी पर्यटक कुशीनगर आएगा तो वह

निश्चित तौर पर गोरखपुर का चिड़यिाघर घूमने आएगा। वन मंत्री ने टाइगर साइटिंग के

लिए दुधवा, कतर्नियाघाट, टाइगर रिजर्व में भ्रमण के लिए गोरखपुर के नागरिकों को

आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री योगी के गृह जिला में पर्यटन को बढ़ावा देने की कवायद

पिछले कुछ समय से ही राज्य सरकार अपने तमाम पर्यटन केंद्रों को बेहतर बनाकर

पर्यटकों को अपने यहां लाने की कोशिशों में जुटी हुई थी। अचानक के कोरोना संकट की

वजह से इस काम पर विराम लग गया था। अब जैसे जैसे स्थिति में सुधार हो रहा है, इस

काम को फिर से गति देने की कवायद भी तेज हो रही है।


 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
More from उत्तरप्रदेशMore posts in उत्तरप्रदेश »
More from ताजा समाचारMore posts in ताजा समाचार »
More from पर्यटन और यात्राMore posts in पर्यटन और यात्रा »

Be First to Comment

Leave a Reply

... ... ...
%d bloggers like this: