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घुसपैठ करने वाले चीनी सैनिकों को भारतीय सेना ने उल्टे पैर दौड़ाया




हाथापायी में भारतीय सेना को नुकसान नहीं
इस इलाके में पहली बार ऐसी मारपीट
सुबनगिरि के पास फिर बसाया है गांव
आमने-सामने दोनों देशों के सैनिक
भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : घुसपैठ करने वाले चीनी सैनिकों को आज भारतीय सेना ने जमकर पीटा। इस बारे में औपचारिक तौर पर सिर्फ यह बयान जारी किया गया है कि कुछ घंटों की हाथापायी के बाद चीनी सैनिक अपनी सीमा में वापस लौट गये।




दरअसल भारतीय सेना पहले से ही गलवान घाटी की घटना के बाद से सतर्क चल रही है। इस बीच कई बार चीनी सैनिकों ने घुसपैठ करने की कोशिश भी की।

ताजा मामला वास्तविक नियंत्रण रेखा(एलएसी) पर अरुणाचल प्रदेश सेक्टर का है। लद्दाख में ही नहीं बल्कि अरुणाचल प्रदेश में भी चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में पिछले हफ्ते भारतीय जवानों की चीन के सैनिकों से बड़ा झड़प हो गई थी। इसके मुताबिक पेट्रोलिंग के दौरान सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हो गए थे और कुछ घंटों तक यह सिलसिला चला था।

हालांकि इसमें भारतीय जवानों को कोई नुकसान नहीं हुआ और प्रोटोकॉल के मुताबिक बातचीत से विवाद सुलझा लिया गया।

तेजपुर भारतीय सेना मुख्यालय (गजराज कोर) के रक्षा सूत्रों के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन के 200 सैनिक तिब्बत की तरफ से भारतीय सीमा में घुस आए थे, जिन्हें भारतीय जवानों ने खदेड़ दिया। कुछ चीनी सैनिकों को हिरासत में भी लिए जाने की खबर है।

बता दें कि लद्दाख में चीन की घुसपैठ और भारतीय जवानों से झड़प की खबरें आती रहती हैं, लेकिन अरुणाचल प्रदेश में झड़प की खबर लंबे समय बाद आई है। इससे जाहिर है कि चीन ने अरुणाचल में फिर से अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। जबकि अगले 3-4 दिन में लद्दाख को लेकर भारत-चीन के बीच बातचीत होनी है।

घुसपैठ करने के बारे में तेजपुर से जानकारी दी गयी

तेजपुर भारतीय सेना मुख्यालय (गजराज कोर) के रक्षा वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया गया था कि चीन ने अरुणाचल में भारत की सीमा से साढ़े चार किलोमीटर अंदर एक गांव बसा लिया है।




इसमें 500 से ज्यादा घर बनाए गए हैं। यह गांव सुबनसिरी जिले में सारी चु नदी के किनारे बसाया गया है। यह लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के पास का एरिया है।

सेना के सूत्र ने कहा कि अरुणाचल सेक्टर में औपचारिक रूप से दोनों देशों की सीमाओं को सीमांकित नहीं किया गया है।

इसलिए एलएसी को लेकर दोनों देशों की सेनाओं की अपनी-अपनी धारणाएं हैं, लेकिन पिछले पेट्रोलिंग के दौरान चीनी सैनिक भारत की सीमा के बेहद करीब तक आ गए, जिससे तनाव बढ़ गया।

इसके बाद दोनों देशों के लोकल कमांडरों ने मोर्चा संभाला और आपसी बातचीत के बाद मौजूदा प्रोटोकॉल के तहत सेनाएं पीछे हट गईं।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, इस तनातनी में किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। एलएसी पर 200 चीनी सैनिक भारत की सीमा के काफी पास तक आ गए।

इसके बाद तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। भारतीय सैनिकों ने इसका विरोध शुरू किया और 200 चीनी सैनिकों को वहीं रोककर खदेड़ दिया।

सेना के सूत्रों ने बताया है कि कुछ घंटे तक हाथापायी के बाद तय प्रोटोकॉल के हिसाब से मसले को सुलझा लिया गया।

भारत की तरफ किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है, किसी को हिरासत में नहीं लिया गया।रिपोर्ट्स के मुताबिक पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने उत्तरी इलाके में काराकोरम पास के करीब वहाब जिल्गा से लेकर पीयु, हॉट स्प्रिंग्स, चांग ला, ताशिगॉन्ग, मान्जा और चुरुप तक शेल्टर बनाए हैं। यहां हर लोकेशन पर सात क्लस्टर्स में 80 से 84 तक कंटेनर्स बनाए गए हैं।



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